जयपुर, जेएनएन। राजस्थान में अगले वर्ष की शुरुआत में होने वाले पंचायत चुनाव से पहले यहां की सरकार ने पंचायत चुनाव के सबसे बड़े वोट बैंक किसानों को बिजली के बिल में दो बड़ी राहतों का एलान किया है। एक घोषणा में किसानों को बकाया बिल का 50 प्रतिशत जमा करने पर फिर से कनेक्शन जोड़ने की सुविधा दी गई है, वहीं दूसरी घोषणा में बिजली का बकाया बिल जमा कराने पर जुर्माना पूरी तरह माफ कर दिया गया है।

राजस्थान में पंचायत चुनाव अगले वर्ष जनवरी या फरवरी में होने हैं और इससे पहले सरकार किसानों को खुश करने के लिए कई तरह के फैसले कर रही है। किसानों को फसली ऋण बांटने में तेजी लाई गई है, वहीं किसान सम्मान निधि का पैसा दिलाने में तेजी दिखाई जा रही है। किसानों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा बिजली का होता है और इसके बिल में राहत के लिए सरकार ने एक साथ दो घोषणाएं की हैं।

राजस्थान सरकार ने किसानों के बकाया बिजली बिलों के भुगतान के लिए सरलीकृत स्वीकृत योजना आरंभ की है। ऊर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने बताया कि इस योजना के तहत किसान बकाया राशि की 50 प्रतिशत राशि जमा करा दें तो जिन किसानों के कनेक्शन काट दिए गए हैं, वे वापस जोड़ दिए जाएंगे तथा शेष राशि आगामी समान मासिक किस्तों में मार्च, 2020 तक जमा कराई जा सकेगी। कल्ला ने बताया कि प्रदेश में लगभग एक लाख 93 हजार कृषि उपभोक्ताओं पर 735 करोड़ रुपये विद्युत बिलों के पेटे बकाया है। इस कारण किसानों के बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं। दूसरी ओर, किसानों को फसल की बुवाई में सिंचाई के लिए बिजली की आवश्यकता है। इसी को देखते हुए यह योजना लागू की गई है। इसका फायदा उन कृषि उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिनका बिजली कनेक्शन एक, अप्रैल 2019 के बाद काटा गया है।

इसके साथ ही एक एमनेस्टी योजना भी लागू की गई है। यह योजना किसानों ही नहीं बल्कि उन सभी तरह के उपभोक्ताओं के लिए है, जिनके कनेक्शन 31 मार्च, 2019 से पहले काटे गए थे। ऐसे उपभोक्ता यदि 31 जनवरी, 2020 तक बकाया राशि एकमुश्त जमा करवाते हैं तो जुर्माने को पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा। कल्ला ने बताया कि एमनेस्टी योजना सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए एक दिसंबर, 2019 से 31 जनवरी, 2020 तक की अवधि के लिए लागू रहेगी। हालांकि इस योजना का लाभ केवल ऐसे उपभोक्ताओं को ही मिलेगा, जिन्होंने गत तीन वर्षों में इस तरह की योजनाओं का लाभ नहीं लिया है।

कल्ला ने बताया कि कृषि श्रेणी में कटे कनेक्शन कृषि नीति के प्रावधानों के अनुसार व अन्य श्रेणियों के कनेक्शनों को निगमों के नियमों के अनुसार ही पुनः जोड़ा जा सकेगा। जिनके बकाया राशि के मामले न्यायालय में लंबित हैं और वे इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो उनको पूर्ण मूल्य बकाया राशि जमा कराने और प्रकरण को एक माह की अवधि में वापस लेने की अंडरटेकिंग प्रस्तुत करनी होगी। 

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Posted By: Sachin Mishra

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