जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान में अलवर जिले के निठारी गांव में मोबाइल लूट के मामले में आरोपित से तफ्तीश करने पहुंचे अलवर पुलिस कोतवाली में कार्यरत एएसआई (थानेदार) राजवीर सिंह को आरोपित और उसके परिजनों ने पेड़ से बांध दिया। आरोपितों ने थानेदार की जमकर मारपीट की,गला घोंट कर उसे जान से मारने को कोशिश भी की गई। ग्रामीणों ने एएसआई के साथ मारपीट की जानकारी पुलिस को दी।

पुलिस को पहुंचने से पहले ही आरोपित फरार हो गए। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ राजकार्य में बाधा पहुंचाने, जान से मारने का प्रयास व मारपीट का मामला दर्ज किया है। घायल एएसआई का अलवर के राजीव गांधी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस मामले में एएसआई राजवीर सिंह ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि मोबाइल लूट के मामले की तफ्तीश के लिए वह निठारी गांव पहुंचा था। कॉल डिटेल के आधार पर उक्त मोबाइल को उपयोग में लेने वाली महिला लक्ष्मी पत्नी खेमचंद के घर गया। पूछताछ में लक्ष्मी ने बताया कि उसके बेटे मक्खन ने यह मोबाइल गांव के राजेंद्र जाट से खरीदा था।

इसके बाद वह मक्खन को साथ लेकर राजेंद्र जाट के घर पहुंचा। वहां पूछताछ के दौरान राजेंद्र ने एएसआई को जातिसूचक अपशब्द कहे और फिर इसके बाद राजेंद्र ने लोहे के डंडे से उसके सिर पर मारी। राजेन्द्र ने अपने परिवार वालों को बुला लिया। इसके बाद सभी ने एएसआई को पकड़कर रस्सी लेकर पेड़ से बांध दिया। इस दौरान राजेंद्र, उसकी पत्नी दाखा, भाई महेंद्र व उसके दो बेटों ने लोहे के डंडे और लात-घूसों से मारपीट की। राजेंद्र ने मक्खन के साथ भी मारपीट की। मारपीट के दौरान सिर में गंभीर चोट लगने से एएसआई बेहोश हो गया। आरोपित उसे पेड़ से बंधा छोड़कर फरार हो गए।

मौके पर पहुंची पुलिस ने एएसआई राजवीर सिंह को सीएचसी मालाखेड़ा पहुंचाया, जहां से अलवर के सामान्य अस्पताल रेफर कर दिया था। मालाखेड़ा थानाधिकारी महेश तिवारी ने बताया कि आरोपी राजेंद्र जाट मालाखेड़ा थाने का हिस्ट्रीशीटर बदमाश है। उसके खिलाफ मारपीट और लूट के कई मामले दर्ज हैं।

Posted By: Sachin Mishra