जयपुर, जेएनएन। Atal Bihari Vajpayee. पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की सबसे बड़ी मूर्ति जयपुर में बनी है। 25 फुट की यह मूर्ति इस माह के अंत तक यह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रतिष्ठापित होगी। इस मूर्ति का निर्माण उत्तर प्रदेश सरकार ने कराया है।

कांसे और अन्य धातुओं के मिश्रण से बनी यह मूर्ति जयपुर में रह रहे मूर्तिकार राजकुमार पंडित ने बनाई है। मूलत बिहार में नालंदा के रहने वाले राजकुमर 1996 से जयपुर में रह रहे हैं। उनके दादा मिट्टी की मूर्तियां बनाते थे, लेेकिन वे धातु की मूर्तियां बनाते हैं और भारत ही नहीं सिंगापुर, अमेरिका जैसे देशों में भी उनकी बनाई मूर्तियां लगी हुई हैं। राजकुमार ने बताया कि अटलजी उनके पसंदीदा नेता रहे हैं और एक बार उनका भाषण सुन कर उन्होंने तय किया था कि वे उनकी मूर्ति जरूर बनाएंगे। अच्छा यह हुआ कि उत्तर प्रदेश सरकार ने ही यह मौका दे दिया।

उत्तर प्रदेश सरकार ने वाजपेयी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे रहे हेमवती नंदन बहुगुणा की मूर्ति लगाने का निर्णय किया था। इसका काम उन्हें मिला। राजकुमार ने बताया कि वाजपपेयी की मूर्ति पूरी तरह तैयार है और इस माह के अंत तक यहां से रवाना कर दी जाएगी। बताया जा रहा है कि लखनऊ के लोकभवन में यह मूर्ति लगाई जाएगी। यह वाजपेयी की सबसे बड़ी मूर्ति होगी। इसके साथ ही बहुगुणा की साढ़े बारह फुट की मूर्ति भी बनाई है। यह लखनऊ या इलाहबाद में कहीं लगाई जाएगी।

हेमवती नंदन बहुगुणा की मूर्ति।

भोपाल में लगने वाली भारत माता की मूर्ति भी तैयार

राजकुमार ने बताया कि मध्य प्रदेश की पिछली सरकार से उन्हें भारत माता की मूर्ति बनाने का काम मिला था। यह मूर्ति भी तैयार है, हालांकि इसके बाद सरकार बदल गई। अब मौजूदा सरकार के समय इसे भोपाल के शौर्य पार्क में लगाया जाएगा। यह बीस फुट की मूर्ति है, जिसमें भारत माता के हाथ में भारत का झंडा दिखाया गया है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार का संदेश आते ही इसे भी रवाना कर दिया जाएगा।

 

भारत माता की मूर्ति। 

राजकुमार ने जयपुर के सवाई मान सिंह स्टेडियम के बाहर लगी धनुर्धर अर्जुन की मूर्ति भी बनाई है। यह 47 फुट की धातु की मूर्ति है जो उनके द्वारा बनाई गई अब तक की सबसे बड़ी मूर्ति है। इसके अलावा उन्हें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्नान करते हुए भी मूर्ति बनाई है। यह मूर्ति बिहार के मुजफ्फरपुर में लगाई गई है और उस समय की प्रतीक है, जब गांधी चंपारण सत्याग्रह के लिए बिहार गए थे। इस दौरान एक गांव में उन्होंने कुएं पर स्नान किया था। यह अपने आप में गांधी की एकमात्र प्रतिमा है। इसके अलावा भी राजस्थान मे उन्होंने कई मूर्तियां बनाई हैं।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति।  

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Posted By: Sachin Mishra

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