नई दिल्ली/जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार आमजन को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संकल्प के साथ काम कर रही है। हमारा प्रयास है कि राजधानी से लेकर गांव-ढाणी तक लोगों को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हों। विगत तीन वर्षाें में इस दिशा में एक से बढ़कर एक निर्णय लिए गए हैं। इसी का परिणाम है कि देश के दूसरे राज्यों से भी लोग राजस्थान में आकर इलाज ले रहे हैं। गहलोत 23 अक्टूबर को भगवान महावीर कैंसर चिकित्सालय व अनुसंधान केंद्र में आइपीडी के द्वितीय ब्लाक के शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। करीब 235 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस कैंसर केयर भवन से चिकित्सालय में 200 अतिरिक्त बेड उपलब्ध हो सकेंगे। इस ब्लाक में बोनमेरो ट्रांसप्लांट, रोबोटिक सर्जरी, टोमोथैरेपी, सिंटीमेमोग्राफी और इंटरवेशनल रेडियोलॉजी कैथलेब जैसी आधुनिकतम सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अस्पताल की पत्रिका दर्पण का विमोचन भी किया।

पहला सुख निरोगी काया

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य व शिक्षा लाभ कमाने के क्षेत्र नहीं हैं। इनका मुख्य उद्देश्य प्राणी मात्र और मानवता की सेवा करना है, लेकिन कई संस्थान इस उद्देश्य को भूलकर लाभ कमाना शुरू कर देते हैं, यह उचित नहीं है। यह सुखद है कि भगवान महावीर कैंसर चिकित्सालय मानव सेवा के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन के समन्वित व सेवाभावी प्रयासों से यहां हर वर्ग के लोगों को कैंसर जैसी जटिल बीमारी का बेहतर उपचार उपलब्ध हो रहा है। गहलोत ने कहा कि हमारी पिछली सरकार में हमने निःशुल्क दवा व जांच योजना प्रारंभ की थी। इस बार हमने ’पहला सुख निरोगी काया’ को मूल मंत्र बनाकर लोगों को बीमारी से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली के लिए ’निरोगी राजस्थान’ कार्यक्रम शुरू किया है। आमजन को इलाज के भारी भरकम खर्च से मुक्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की है, जिसमें हर वर्ग के लोगों को पांच लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार मिल रहा है।

मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर को किया जा रहा मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में गांव-ढाणी तक मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। वर्ष 1998 में जब हमारी सरकार बनी तब प्रदेश में केवल छह मेडिकल कालेज थे। हमारी सरकार ने निजी क्षेत्र को अवसर दिए, उसके बाद प्रदेश में कई प्राइवेट मेडिकल कालेज स्थापित हुए। राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश के 30 जिलों में सरकारी मेडिकल कालेज स्थापित होने जा रहे हैं। इनका काम तेजी से चल रहा है। साथ ही, माडल सीएचसी बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है। नगरीय विकास मंत्री  शांति धारीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर कैंसर चिकित्सालय के माध्यम से कैंसर रोगियों को प्रदेश में ही विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध हो रहा है। चिकित्सालय द्वारा किए जा रहे विस्तार से रोगियों को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

एसएमएस अस्पताल में बनाया जा रहा आइपीडी टावर
एसएमएस मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. सुधीर भंडारी ने कहा कि कोरोना महामारी के संकट के बावजूद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दूरदर्शी विजन से राज्य में चिकित्सा सुविधाओं का तेजी से विकास हुआ है। लोगों को बीमारियों से बचाने की दिशा में निरोगी राजस्थान बड़ा कदम है। एसएमएस अस्पताल में आइपीडी टावर बनाया जा रहा है, जिसमें रोगियों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। भगवान महावीर कैंसर चिकित्सालय के चेयरमैन नवरतन कोठारी ने स्वागत उद्बोधन दिया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिला कोठारी ने अस्पताल की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। मैनेजिंग ट्रस्टी विमलचन्द सुराणा व कार्यकारी निदेशक सुभाष पारीक ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर कैंसर केयर महिला प्रकोष्ठ की संरक्षक सुनीता गहलोत, अस्पताल के कोषाध्यक्ष प्रेम सिंह लोढ़ा, वरिष्ठ चिकित्सक, अस्पताल के कार्मिक व विद्वतजन उपस्थित थे।

Edited By: Sachin Kumar Mishra