जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि मौजूदा समय में देश का लोकतंत्र खतरे में है। भाजपा साम्प्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ रही है।

उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और भाजपा की नीतियों को लोकतंत्र विरोधी बताते हुए कहा कि डेमोक्रेसी में विपक्ष की भावनाओं का आदर करना पड़ता है, विपक्ष क्या सोचता है उसको तवज्जो देनी पड़ती है। लेकिन केंद्र सरकार और भाजपा की सोच फासिस्ट है। इनको इस बात से कोई मतलब नहीं है कि जनता क्या सोचती है, दूसरी राजनीतिक पार्टियों के क्या विचार है।

इनके लिए विपक्ष के मायने कुछ नहीं है। तीन दिन तक महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में सभाएं करने के बाद गुरूवार को वापस जयपुर पहुंचे गहलोत ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि राष्ट्रवाद और धर्म के नाम पर भाजपा की राजनीति चल रही है,जबकि लड़ाई विचारधारा,नीतियों और कार्यक्रमों की होनी चाहिए,दुर्भाग्य से वह नहीं हो रहा है।

उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि जनता सब समझ रही है। जनहित के मुद्दो पर आधारित राजनीति और मुद्दा आधारित चुनाव अभियान होना चाहिए। भाजपा सत्ता में है, लेकिन डेमोक्रेसी में विपक्षी की भावनाओं का आदर करना चाहिए। गहलोत ने खुद और कांग्रेस पर परिवारवाद को बढ़ावा देने के आरोपों को नकारते हुए कहा कि ये लोकतंत्र है,जनता जिसे पसंद करती है जीत उसकी होती है। भाजपा का कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप लगाना सही नहीं है।

हनुमान बेनीवाल ने गहलोत और वसुंधरा दोनों को घेरा

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर निशाना साधा है। बेनीवाल ने एक बयान में कहा कि दो विधानसभा सीटों खींवसर और मंडावा में यदि कांग्रेस की हार होती है तो गहलोत को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि खींवसर सीट से मेरे छोटे भाई नारायण बेनीवाल की यदि हार होती है तो मैं लोकसभा से इस्तीफा देने को तैयार हूं।

बेनीवाल ने कहा कि खींवसर सीट से मेरे छोटे भाई को हराने के लिए गहलोत ने 14 मंत्री और 40 विधायक लगा रखे है। सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग हो रहा है,लेकिन फिर भी कांग्रेस की इस सीट पर हार होगी। एनडीए के सहयोगी के रूप में शामिल बेनीवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता वसुंधरा राजे को भी घेरते हुए कहा कि उन्हे मैं पूरी तरह साइड लाइन कर दूंगा। दो सीटों के उप चुनाव में भाजपा ने वसुंधरा राजे को कोई तवज्जो नहीं दी।

उन्होंने कहा कि मैं पहले भाजपा में ही था,लेकिन वसुंधरा राजे के साथ मतभेद के कारण अलग पार्टी बनाई थी। उल्लेखनीय है कि दो सीटों पर 21 अक्टूबर को होने वाले उप चुनाव में भाजपा ने खींवसर सीट बेनीवाल की पार्टी के लिए छोड़ी है। 

Posted By: Preeti jha

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