जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि देश आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है। उद्योग-धंधे ठप पड़े हैं। अकेले ऑटो सेक्टर में 10 लाख लोगों की नौकरियां चली गई। देश में भय एवं हिंसा के माहौल के कारण निवेश प्रभावित हुआ है। ऐसे में इस मंदी के दौर में केंद्र सरकार का यह दायित्व है कि अर्थव्यवस्था में सुधार लाने के लिए प्रभावी कदम उठाए।

उन्होंने कहा कि देशभर में जीएसटी संग्रहण में कमी आई है। राज्यों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। राजस्थान के हिस्से की स्टेट ग्रांट की रकम मिलाकर सात हजार करोड़ रुपये केंद्र से नहीं मिल पाए हैं, जिससे विकास कार्य बाधित हो रहे है। गहलोत शनिवार को जयपुर में जेम्स एंड ज्वलैरी इंस्टीट्यूट के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। गहलोत ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसा। गहलोत ने कहा, 'मोदी जी कहते हैं 72 साल में कांग्रेस ने क्या किया। कांग्रेस ने लोकतंत्र ¨जदा रखा, तभी मोदी प्रधानमंत्री बन पाए।'

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के अंदर पक्ष और विपक्ष की भूमिका होती है। सत्ता पक्ष की जिम्मेदारी है कि वह विपक्ष को साथ लेकर चले। अभी वह माहौल नहीं बना है। गहलोत ने कहा कि आजकल जमाना बहुत खराब है। भय का माहौल है। मोबाइल पर बात करते हैं तो कहते हैं अरे बंद कर लैंडलाइन पर कॉल कीजिए क्योंकि इनकम टैक्स, ईडी, सीबीआइ, न्यायिक व्यवस्था पर दबाव है। लोग देश छोड़कर जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मोदी ने जो वादे किए थे अच्छे दिन आने के वे धरे रह गए। अब तो राष्ट्रवाद है और हम लोग हैं। हम लोग राष्ट्रवादी तब माने जाएंगे, जब भाजपा, संघ और मोदी जी हमे र्सिटफिकेट देंगे। उनका सर्टिफिकेट काम आएगा।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से ही देश में सरकारों ने लोकतंत्र को मजबूती देने का काम किया है। लोकतंत्र में आम जनता की भूमिका अहम है, लेकिन आज जो माहौल है, उससे देश में लोकतंत्र खतरे में नजर आता है।

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Posted By: Sachin Mishra

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