अजमेर, संवाद सूत्र। पुलिस हिरासत में मारपीट के पश्चात एक महिला सोयना की मौत के मामले में शुक्रवार को मृतका की पुत्री ने अजमेर रेंज आईजी एस सेंगाथिर के समक्ष उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज करवाये तथा न्याय की गुहार लगाई। पीड़िता के साथ मानवाधिकार संगठन पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। पदाधिकारियों ने भी पुलिस द्वारा इस मामले में की जा रही लीपापोती को गलत बताते हुए निष्पक्ष व त्वरित जांच की मांग की। पीयूसीएल की राज्य अध्यक्ष कविता श्रीवास्तव तथा मध्य प्रदेश की सामाजिक कार्यकर्ता शिवानी देवली क्षेत्र में हुए मामले में पीड़िता कंचन के सहयोग के आगे आई।

उन्होंने बताया कि 25 नवंबर को देवली पुलिस ने नाबालिग कंचन को उठा लिया तथा उसकी मदद को आई उसकी मां सोयना को भी रात को अवैध रूप से हिरासत में रख लिया। पुलिस द्वारा पिटाई तथा बिजली का करंट दिए जाने के कारण मृतका की हालत खराब हो जाने पर उसे कोटा के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसकी सात दिसंबर को मौत हो गई। पुलिस ने नाबालिग कंचन पर चोरी का आरोप लगाया तथा मामले को दबाने का प्रयास किया। मामला प्रकाश में आने तथा जन संगठन द्वारा जांच किए जाने पर पुलिस हिरासत में मौत का मामला दर्ज किया गया, किन्तु मामले को दबाने की कोशिश की गई, मामले की निष्पक्ष जांच के लिए शुक्रवार को अजमेर रेंज आईजी एस सेंगाथिर से शिकायत की गई। पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में पीड़ित पक्ष के गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए। पुलिस महानिरीक्षक सेंगाथिर ने आश्वस्त किया कि पीड़ित पक्ष के साथ न्याय किया जाएगा। वंचित वर्ग की पीड़िता सोयना की पुलिस हिरासत में अमानवीय हिंसा तथा मौत को निंदनीय बताते हुए पीयूसीसएल द्वारा एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें मृतका की पुत्री ने अपना पक्ष रखा। बैठक में कविता श्रीवास्तव, शिवानी, अनन्त भटनागर, डीएल त्रिपाठी, रमेश लालवानी, डॉ सुरेश अग्रवाल, सिस्टर गीता कैरोल, वर्षा शरण, सागर मीणा, सिस्टर एलवीना उपस्थित रहे।

Edited By: Sachin Kumar Mishra