जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान में नागौर जिले के भावंडा पुलिस थाना इलाके में मारपीट के बाद हुई युवक की मौत को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। युवकी की मौत से आक्रोशित लोगों ने भावंडा पुलिस थाने का गेट तोड़कर शव अंदर रख दिया। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ पुलिस थाने में बुधवार रात से धरना शुरू कर दिया। ग्रामीण अब भी धरने पर बैठे हैं।

ग्रामीणों को मनाने के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी जुटे हुए हैं। तनाव के हालात देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। भावंडा पुलिस थाना अधिकारी शंकरलाल सहित तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने पुलिस पर आम लोगों के साथ अत्याचार करने का आरोप लगाया है। पुलिसकर्मियों पर ड्यृटी में लापरवाही बरतने का आरोप है।

यह है मामला

भावंडा पुलिस थाना इलाके में 1 अक्टूबर को गांव के ही युवक सुनील का तीन दर्जन से अधिक लोगों ने अपहरण कर लिया था। खेत में ले जाकर सुनील के साथ मारपीट की गई। इस मारपीट में सुनील बुरी तरह घायल हो गया । बदमाशों ने सुनील को मृत मानकर वहीं छोड़ दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे स्वजनों ने अहमदाबाद स्थित एक अस्पताल में उसे भर्ती कराया। उपचार के दौरान मंगलवार को सुनील की मौत हो गई। इस मामले में स्वजनों की तरफ से 25 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। इनमें एक दर्जन बदमाशों को नामजद किया गया है। पुलिस के अनुसार घटना को अंजाम देने के बाद आरोपित गांव से फरार हो गए। बदमाशों की तलाश की जा रही है।

पुलिस के अनुसार मृतक सुनील और उसकी हत्या करने वालों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। मौका देखकर 1 अक्टूबर को 25 लोगों ने सुनील का अपहरण कर लिया। बदमाशों ने अपहरण के बाद सुनील के साथ काफी मारपीट की, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। मारपीट के कारण उसकी मौत हो गई थी। स्वजन बुधवार को सुनील का शव अहमदाबाद से गांव लेकर आए। इसके बाद बुधवार से ही शव लेकर ग्रामीण पुलिस थाने में बैठे हैं। ग्रामीण मृतक के स्वजनों को मुआवजे और सभी बदमाशों की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग पूरी होने तक थाना परिसर से हटने से इंकार कर दिया है। ग्रामीण हत्या का आरोप लगा रहे हैं। 

Edited By: Priti Jha