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बांग्लादेशी नागरिकों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, अलवर से चार लोग गिरफ्तार

Published: Thu, 22 Oct 2026 09:29 PM (IST)

राजस्थान पुलिस ने अलवर के मेवात क्षेत्र में बांग्लादेशी नागरिकों से साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया ...और पढ़ें

बांग्लादेशी नागरिकों से ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा गया

बांग्लादेशी नागरिकों से ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा गया 

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जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान पुलिस ने अलवर जिले के मेवात क्षेत्र में बांग्लादेशी नागरिकों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह का जाल बांग्लादेश से लेकर राजस्थान तक फैला हुआ है।

बांग्लादेशी हैंडलर्स के साथ मिलकर काम कर रहे इस गिरोह ने वर्ष 2024 से अब तक करीब एक हजार बांग्लादेशी नागरिकों को निशाना बनाया और एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की।

अलवर जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि गिरोह के सदस्य महिलाओं के नाम पर सोशल मीडिया पर अकाउंट बनाकर बांग्लादेशी नागरिकों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते थे। दोस्ती बढ़ने पर वे महिला बनकर वीडियो काल करते और सामने वाले व्यक्ति की नग्न फोटो या वीडियो लेकर उसे ब्लैकमेल करते थे। ठगी की रकम वसूलने के लिए बांग्लादेश में सक्रिय डिजिटल वालेट ‘बिकाश ऐप’ के नंबरों का इस्तेमाल किया जाता था।

पीड़ितों के इन नंबरों पर रकम भेजते ही बांग्लादेश में बैठे गिरोह के मददगार कमीशन काटकर भारत के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कर देते थे। पुलिस ने बुधवार को अलवर जिले के उसकसी गांव में दबिश देकर शालिम खान, दीपू खान, निजामुद्दीन और राहुल खान को गिरफ्तार किया। ये सभी अलवर जिले के गोठड़ा गांव के निवासी हैं।

आरोपितों से पांच मोबाइल फोन, तीन एटीएम कार्ड और दो सिम कार्ड बरामद किए गए। गिरोह भारत में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को निशाना बनाता था। इसमें 20 लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है।

पुलिस की एडवाइजरी

देश में व्हाट्सएप अकाउंट हैक करने के मामले सामने आने के बाद राजस्थान पुलिस ने बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर अपराध) वी. के. सिंह ने बताया कि साइबर ठग फर्जी क्यूआर कोड, सोशल इंजीनियरिंग और ओटीपी हासिल करने के बहाने व्हाट्सएप अकाउंट में सेंध लगाते हैं।

अकाउंट पर नियंत्रण मिलते ही वे संपर्क सूची में शामिल परिचितों को इलाज या आपात समस्या का हवाला देकर रुपये मांगने के संदेश और संदिग्ध लिंक भेजते हैं। इसके बाद वे पैसों की मांग करते हैं।