राज्य ब्यूरो, जयपुर। Alwar Minor Misbehaviour Case: राजस्थान में अलवर में नाबालिग से दुष्कर्म के बाद उसके पिता की कथित हत्या के मामले में रामगढ़ थानाप्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों को हटा कर पुलिस लाइन में भेज दिया गया है। इस मामले में पीड़िता के भाई ने पुलिस पर मामले को दबाने और दबाव डाल कर राजीनामा करने के आरोप लगाए थे। वहीं, यह मुद्दा राजनीतिक रूप ले रहा था और भाजपा तथा विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता इस मामले को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। दरअसल, रामगढ़ में एक नाबालिग से उसके पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने पहले छेड़छाड़ और बाद में कुछ लोगों के साथ मिल कर दुष्कर्म किया था।

इस मामले में नाबलिग ने कुएं में कूद कर आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन भाई ने उसे बचा लिया था। इस मामले में जिस दिन पीड़िता के कोर्ट में बयान होने थे, उसी दिन उसके पिता की लाश घर से कुछ दूरी पर पेड़ से लटकी मिली थी। इस मामले में पीड़िता के भाई ने पिता की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं, रिपोर्ट में यह आरोप भी लगाया था कि पुलिस इस मामले में सहयोग नहीं कर रही है और उस पर राजीनामे के लिए दबाव बनाए जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया, लेकिन उसके बाद भी आरोपित लगातार पीड़िता के पिता और परिजनों को धमका रहे थे।

परिजनों ने इसकी जानकारी भी पुलिस को दी, लेकिन स्थानीय पुलिस की तरफ से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब इस मामले की गंभीरता को देखते हुए रामगढ़ थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार, उपनिरीक्षक रामकिशन, सहायक उपनिरीक्षक कमालदीन खा, कांस्टेबल हीरालाल को लाइन हाजिर किया है। अलवर पुलिस अधीक्षक पारिश देशमुख ने यह आदेश दिया है। इस मामले की अब नए सिरे से जांच की जाएगी। जांच के बाद ही इस मामले में कोई बड़ा खुलासा हो पाएगा।

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