उदयपुर, जेएनएन। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) उदयपुर की टीम ने एक दिन पहले वल्लभनगर से एपीओ हुए तहसीलदार संदीप अरोड़ा की दो कारों से दो लाख 84 हजार रुपये बरामद किए हैं। तहसीलदार उक्त राशि का संतोषप्रद जवाब नहीं दे सके, ऐसे में एसीबी ने रुपये जब्त कर लिए हैं और नोटिस जारी कर इस राशि का स्त्रोत पूछेगी और उसी के अनुसार अग्रिम कार्रवाई होगी।

मूलतः गंगानगर हाल महावीर कॉलोनी बड़गांव निवासी संदीप अरोड़ा (59) पिछले छह महीने से वल्लभनगर में तहसीलदार थे और पत्नी निशा के साथ वल्लभनगर ही रहते थे। भ्रष्टाचार की शिकायतों के चलते इन्हें एक दिन पहले सोमवार को ही एपीओ किया गया था।

एसीबी एडिशनल एसपी सुधीर जोशी ने बताया कि तहसीलदार अरोड़ा मंगलवार को अपनी पत्नी निशा के साथ वल्लभनगर उदयपुर के बड़गांव स्थित घर आ रहे थे। एक कार में पत्नी निशा थी और दूसरी में तहसीलदार संदीप अरोड़ा और उनके परिचित लक्ष्मीलाल बैठे थे। मुखबिर की सूचना पर एसीबी टीम ने छापा मारा और संदीप अरोड़ा की दोनों गाड़ियों की आकस्मिक चेकिंग की। जिस गाड़ी में संदीप की पत्नी निशा बैठी थी, उससे एक लाख 76 हजार रुपये और जिसमें संदीप खुद बैठे थे, उसमें एक लाख आठ हजार रुपये नगद बरामद हुए हैं।

संदीप इस राशि के स्त्रोत का संतोषप्रद जवाब नहीं दे सके। इस पर एसीबी टीम ने दोनों कारों से बरामद राशि जब्त ली। अब एसीबी की ओर से संदीप को नोटिस जारी कर इस राशि का स्त्रोत पूछा जाएगा। अगर संदीप संतोषप्रद जवाब देते हैं तो ठीक, नहीं तो उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई की जाएगी।

पूरी नौकरी तहसीलदार रहते ही निकाल दी

संदीप अरोड़ा रिटायरमेंट के नजदीक हैं। वे तहसीलदार पोस्ट पर लगे थे और बिना प्रमोशन पूरी नौकरी उन्होंने एक ही पोस्ट पर निकाल दी। विभागीय सूत्रों के अनुसार, संदीप के खिलाफ भ्रष्टाचार की कई शिकायतें हो चुकी हैं, इसी के चलते उनके प्रमोशन नहीं हुए। 

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Posted By: Sachin Mishra

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