जयपुर, [जागरण संवाददाता] । आधार कार्ड के कारण जयपुर की एक मां ढ़ाई वर्ष बाद अपने 15 वर्षीय बेटे से मिल सकी। जयपुर के अजमेर रोड िस्थत  धावास से जनवरी,2015 में लापता हुआ 15 वर्षीय सोनू बेंगलुरू तक पहुंच गया था ।

बेंगलुरू में वह मानिसक रोगी अस्पताल में पहुंच गया । अस्पताल प्रशासन ने बच्चे को  अपने यहां रखा और फिर उसका आधार कार्ड बनवाने की प्रिक्रया शुरू की तो सामने आया कि उसका पहले से ही आधार कार्ड बना हुआ है । पहले से बने आधार कार्ड में जयपुर का पता और मोबाइल नम्बर दिए हुए थे।  

2 अगस्त को बालक सोनू की मां मेहरून्निसा के पास बेंगलुरू मानिसक अस्पताल के सप्रीटेंडेंट ने फोन किया और फिर सोनू की बात करवाई । ढ़ाई वर्ष बाद बेटे की आवाज सुनकर खुश मेहरून्निसा ने अस्पताल सुप्रीटेंडेंट से बेटे को जयपुर  भेजने की बात कही,लेकिन उन्होंने मेहरून्निसा को पुलिस की मदद लेकर बेंगलुरू आने के लिए कहा। इस पर मेहरून्निसा 4 अगस्त को बेगलुरू पहुंची और बेटे से मिली,अब वापस जयपुर आ रही है ।

जानकारी के अनुसार बेंगलुरू के जिस मानिसक रोगी अस्पताल में साेनू पहुंचा था वहां सभी बच्चों के आधार कार्ड बनवाए जा रहे थे, सोनू को छोड़कर सभी बच्चों के आधार कार्ड बन गए ,लेकिन  सॉफ्टवेयर में सोनू का आधार कार्ड पहले से बना हुआ दिखाया गया । इस पर अस्पताल प्रशासन ने बेंगलुरू के अधिकारियों का सहयोग लिया तो सामने आया कि करीब तीन वर्ष पूर्व सोनू का आधार कार्ड बन चुका और उसमें दिए गए पते की जानकारी भी सामने आई,इसके बाद उसकी मां को सूचना दी गई ।

 उल्लेखनीय है कि पिछले माह अलवर में भी  हरियाणा के एक परिवार से बिछुडा बच्चा आधार कार्ड की बदोलत ही मिला था । 

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Posted By: Preeti jha

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