उदयपुर, सुभाष शर्मा। विदेशों में अक्सर बड़े मॉल या होटलों में छतों पर पार्किंग देखने को मिलती है। जगह की कमी के कारण वहां वाहनों को छतों पर ही पार्क किया जाता है। ऐसे स्थानों पर वाहन मॉल या होटल की छत पर सीधे नहीं पहुंचती, बल्कि उन्हें लिफ्ट कर उन्हें छत तक पहुंचाया जाता है।

उदयपुर के जमीन कारोबारी नेे प्रकृति से मिली सौगात के बाद अतिरिक्त पैसा लगाए बगैर पर छत पर बिना लिफ्ट के पार्किंग बना ली। हम बात कर रहे हैं उदयपुर के अंबाबगढ़ की। जहां गली इतनी संकरी हैं कि महज मोटरसाइकिल ही गुजर पाती है। जमीन कारोबारी लालजी कटारिया ने इस क्षेत्र में मकान बनाने का निर्णय लिया, लेकिन समस्या थी कि यहां बिना चौपहिया वाहन कैसे रहा जाए?

जहां जमीन थी उसके बयालीस फिट की ऊंचाई से पहाड़ी से होटलों के लिए रास्ता निकलता था। इसी से उन्हें आइडिया आया और उन्होंने प्रकृति की इस सौगात को वरदान मानकर 42 फिट का चार मंजिला मकान बनाया। जिसकी ऊपरी मंजिल की छत होटलों को जाने वाली पहाड़ी रास्ते से जुड़ गई। इस तरह उनके मकान का टॉप फ्लॉर पहाड़ी की सडक़ से मिल गया। इसी सड़क के माध्यम से वह अपने मकान की छत पर कारों को पार्क करने लगे।

इस तरह शुरू हुई उलटी गंगा। आमतौर पर घर की सीढ़ियां नीचे से ऊपर तक जाती है, लेकिन कटारिया परिवार छत के रास्ते ऊपर से नीचे उतरता है यानि गाड़ियां छत पर पार्क करने के बाद वे चार, तीन या दो और पहली मंजिल पर पहुंचते हैं। 

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Preeti jha