जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 9488 संक्रमित मिलने के साथ ही तीन लोगों की मौत हुई है। बुधवार को सबसे ज्यादा 3659 संक्रमित जयपुर जिले में मिले हैं। यहां दो लोगों की मौत हुई है। एक पीड़ित की मौत करौली जिले में हुई है। एक साथ 38448 एक्टिव केसों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। चिकित्सकों को कहना है कि राज्य में कोरोना की तीसरी लहर का पीक आने लगा है। तीसरी लहर में चार दिन में ही संक्रमितों की संख्या दो गुनी हो रही है, जबकि दूसरी लहर में आठ दिन में केसों की संख्या दो गुना हो रही थी। दूसरी लहर का पीक डेढ़ से दो महीने में आया था, लेकिन तीसरी लहर का पीक एक महीने में ही आ रहा है।

चिकित्सकों ने पिछले दस दिन में आए केसों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है। राज्य में अब तक सिर्फ संक्रमितों की संख्या बढ़ रही थी, लेकिन अब रिकवरी दर भी कम होने लगी है। रिकवरी दर पिछले एक सप्ताह में ढ़ाई फीसद से कम हुई है। एक्टिव केसों की संख्या भी काफी तेजी से बढ़ रही है। जयपुर स्थित सवाई मान सिंह अस्पताल के प्रोफेसर डा. रमन शर्मा ने कहा कि इस बार ज्यादा केस आने के पीछे कारण नया वैरिएंट ओमिक्रोन है। यह डेल्टा, अल्फा और अन्य वैरिएंट के मुकाबले ज्यादा तेजी से स्प्रेड होता है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस का ओमिक्रोन वैरिएंट, डेल्टा वैरिएंट से तेजी से आगे निकल रहा है और पूरी दुनिया में इस स्वरूप से संक्रमण के मामले अब ज्यादा सामने आ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस संबंध में आगाह किया है।वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी के अधिकारी ने चेताया है कि इस बात के साक्ष्य बढ़ रहे हैं कि ओमिक्रोन प्रतिरक्षा शक्ति से बच निकल सकता है लेकिन अन्य स्वरूपों की तुलना में इससे बीमारी की गंभीरता कम है। 

Edited By: Sachin Kumar Mishra