जयपुर, [जागरण संवाददाता]। राजस्थान में किसानों की आत्महत्याओं का सिलसिला जारी है। दो माह में आठ किसानों ने आत्महत्याएं की है। नया मामला राज्य में दौसा जिले भांडारेज गांव का है। यहां कर्ज के बोझ से परेशान एक किसान ने मंगलवार को फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

जानकारी के अनुसार मृतक किसान ने बैंक से कर्ज लेने के साथ ही साहूकार से भी पैसे उधार ले रखा था,लेकिन इस बार फसल अच्छी नहीं होने से वह परेशान था और बैंक एवं साहूकार लगातार ब्याज के साथ मूल रकम अदा करने को लेकर दबाव बना रहे थे। बैंक अधिकारियों के बुलाने पर वह सोमवार दोपहर बैंक गया और वहां से शाम को वापस घर आया। मंगलवार सुबह जल्दी वह घर से जंगल जाने की बात कहते हुए पत्नी की साड़ी अपने साथ छिपाकर ले गया। गांव के लोग जब जंगल की तरफ गए तो बाबूलाल का शव पेड़ पर लटका हुआ मिला,उसने अपनी पत्नी की साड़ी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

सूचना पर परिजन एवं पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पोस्टमार्टम कराया गया। परिजनों का कहना है कि बाबूलाल के पास खेत में बुवाई के लिए पैसे नहीं थे बैंक और साहूकार से कर्ज लिया था,लेकिन वह दोनों का ब्याज अदा नहीं कर पा रहा था।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले कोटा संभाग के झालावाड़,बांरा और कोटा जिले में छह किसानों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इन सभी ने लहसुन का भाव सही नहीं मिलने के कारण अवसाद में आकर आत्महत्या की। बांसवाड़ा में भी किसान ने आत्महत्या की थी। 

 

 

Posted By: Preeti jha

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