जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान में शनिवार को कारोना के 4108 नए मामले मिले हैं। इनमें सबसे ज्यादा जयपुर जिले में 1866 मिले हैं। राज्य के 33 में से 32 जिलों में संक्रमण फैल गया है। पिछले 24 घंटे में दो लोगों की मौत हुई है। इनमें एक अलवर और दूसरी जोधपुर जिले में मौत हुई है। वर्तमान में राज्य में 14 हजार 166 एक्टिव केस हैं। अस्पतालों में उपचार के बाद शनिवार को 227 मरीज स्वस्थ हुए हैं। राज्य में अब तक 373 ओमिक्रोन पीड़ित मिल चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा 275 मरीज जयपुर के हैं। चिकित्सकों के अनुसार, ओमिक्रोन के लक्षणों में भी जुकाम, खांसी आदि के मरीज मिल रहे हैं। बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार ने शादी, धार्मिक, सार्वजनिक व राजनीतिक पार्टियों में दोनों वैक्सीन लगवा चुके लोगों को ही शामिल होने की अनुमति देने के निर्देश जारी किए हैं। ऐसा नहीं करने पर 10 हजार का जुर्माना लगाया जा सकता है। इससे पहले सरकार ने शादी समारोह में अधिकतम 100 लोगों के शामिल होने की ही अनुमति दी है। इससे ज्यादा लोगों के शामिल होने पर आयोजक पर 10 हजार का जुर्माना लगाया जा सकेगा। इसी बीच, सरकार ने जीनोम सीक्वेसिंग की जांच रिपोर्ट मिलने में काफी देरी हो रही है। इसका प्रमुख कारण राज्य में एकमात्र जयपुर के एमएमएस अस्पताल में जीनोम सिक्वेसिंग लैब का होना है।

ख्वाजा की दरगाह में जायरीन फूल और चादर पेश नहीं कर सकेंगे

अजमेर, संवाद सूत्र। अजमेर में सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में राज्य सरकार की नई गाइडलाइन आने के बाद फूल की दुकानों में चादर प्रसादी पर रोक लगा दी गई है। जायरीन और खुद्दाम व दरगाह कमेटी के स्टाफ को भी मास्क लगाना जरूरी कर दिया गया है। फूलों की दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी शाहनवाज ने बताया कि दरगाह परिसर और बाहर करीब 50 या 60 दुकानें फूलों की हैं। हर दुकान पर आठ से 10 आदमी काम करते हैं। तकरीबन 300 या 350 परिवारों का घर इन फूल-मालाओं की दुकानों से चलता हैं। धार्मिक स्थलों पर चादर ( फूल प्रसाद) पर रोक लगने से चादर व फूल प्रसाद के संचालकों के परिवारों के साथ ही काम करने वालों के परिजनों के हालात खराब हों जाएंगे। पहले भी लंबे समय के बाद रोजी रोटी शुरू हुई थी। पूर्व में भी दरगाह में जियारत पर रोक लगी हुई थी। तब जायरीन भी आना बंद हो गए थे, क्योंकि ट्रेन व अन्य यातायात के साधन भी नहीं चल रहे थे। किन्तु अब जायरीन तो आ जा रहा है, पर वह प्रसाद फूल माला, चादर पेश नहीं करेगा तो उनके परिवार का पेट कैसे भरेगा। फूल और चादर प्रसाद की दुकानें बंद होने से 350 परिवारों के रोजगार पर संकट आ गया है, प्रशासन को चाहिए इन परिवारों के लिए भी गौर करें। वहीं, मध्य प्रदेश जावरा से आए जायरीन ने बताया कि 12 साल की उम्र से ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में अपने परिवार के साथ जियारत करने आए हैं। अजमेर दरगाह शरीफ में फूल व चादर बंद होने के कारण अपनी मन्नतें पूरी नहीं कर पाएंगे, उसका बड़ा अफसोस हो रहा है।

Edited By: Sachin Kumar Mishra