जागरण संवाददाता, जयपुर। Doctors Day 2020: डॉक्टर्स डे पर बुधवार को जयपुर के दो ऐसे परिवारों को स्थानीय चिकित्सकों एवं समाजसेवियों ने सम्मानित किया, जिनकी तीन पीढ़ियां डॉक्टरी पेशे से जुड़ी हुई हैं। इनमें से एक ऐसा परिवार है, जिसमें 36 डॉक्टर्स हैं। ये डॉक्टर प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरा परिवार भी ऐसा ही है, जिसमें तीन पीढ़ियों के सदस्य डॉक्टर हैं। 36 डॉक्टरों वाले परिवार के मुखिया प्रवीण छाबड़ा और उनकी पत्नी डॉ. चंदा जैन का बुधवार को सम्मान किया गया। इस परिवार में डॉक्टर बनने की ललक ऐसी है कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी परिवार के सदस्य इस पेशे से जुड़ते गए और अब उनकी संख्या 36 तक पहुंच चुकी है। इनमें उनके बेटे-बहू, पोते पोतियां और दामाद शामिल हैं।

डॉ. चंदा देवी वर्तमान में 91 साल हो चुकी है, लेकिन फिर भी वे हमेशा अपने पेशे के प्रति सजग रहती हैं। वे भावी पीढ़ी को डॉक्टर बनने के लिए प्रेरित करती रहती हैं। उनके परिवार में पांच गायक्नॉलॉजिस्ट, एक फिजिशियन, चार कान-नाक-गले के डॉक्टर, दो हड्डियों के डॉक्टर, आठ यूरोलॉजिस्ट, दो रेडियोलॉजिस्ट, दो पेथोलॉजिस्ट, एक पिडिस्ट्रीशियन, दो पैथोलॉजिस्ट, दो गेस्ट्रोलॉजिस्ट, एक न्यूरोलॉजिस्ट व एक मधुमेह विशेषज्ञ और पांच अन्य रोगों के विशेषज्ञ हैं। नई पीढ़ी के कई बच्चे अभी मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। इस परिवार के सदस्यों में से अधिकांश डॉक्टर कोरोना काल में अपनी विशेष सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से सात लोग जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शेष अन्य अस्पतालों में कार्यरत हैं।

डॉ. चंद्रा जैन का कहना है कि हमारे डीएनए में ही मेडिकल का प्रोफेशन है। वहीं, जयपुर के सी-स्कीम निवासी डॉ. बीएम शर्मा के परिवार की भी तीन पीढ़ियों में डॉक्टर हैं। इनमें वे स्वयं फिजिशियन हैं, वहीं उनका एक बेटा ह्दय रोग विशेष है, वहीं दूसरे डॉक्टर बेटे की मौत कुछ दिन पूर्व ही हुई है। डॉ. शर्मा के पोते-पोती भी मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। शर्मा का कहना है कि उन्होंने हमेशा अपने बच्चों को मेडिकल पेशे में जाकर लोगों की सेवा करने की शिक्षा दी है।

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