जागरण संवाददाता, जयपुर। rupees return in dowry. राजस्थान में सिरोही जिले के एक परिवार ने बेटियों के अनमोल होने का साहसिक संदेश समाज को दिया है। इस परिवार ने अपने बेटे की सगाई समारोह में वधु पक्ष की तरफ से शगुन के तौर पर दिए गए 31 लाख रुपये की राशि यह कहते हुए लौटा दी कि बेटियां अनमोल होती हैं। बेटियों का कोई मोल नहीं होता। परिवार के इस कदम की कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने तारीफ की है।

सिरोही जिले के आमथला गांव निवासी हनुमंत सिंह देवड़ा के पुत्र बलबीर सिंह का विवाह आबू रोड निवासी चंद्रकला के साथ नौ नवंबर को होना है। विवाह समारोह से पूर्व बुधवार को सगाई समारोह आयोजित किया गया। इसमें वधु के पिता मोहन सिंह ने शगुन के तौर पर 31 लाख रुपये की रकम दी। लेकिन, हनुमंत सिंह देवड़ा ने यह रकम यह कहते हुए लौटा दी कि कन्या को रुपयों में नहीं तोला जाना चाहिए। वह सुशील होनी चाहिए ।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने हनुमंत सिंह की इस पहल का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया पर इसका जिक्र किया है। उन्होंने ट्वीटर व फेसबुक पर शेयर करते हुए लिखा कि समाज की अनेक कुरीतियों में दहेज प्रथा आज भी दुखदायी बनी हुई है। इसका जितना विरोध किया जाए उतना कम है। राजस्थान के हनुमंत सिंह ने इस कुरीति को बंद करने की पहल अपने बेटे का दहेज लौटा कर की है। उनका ये कदम स्वागत योग्य है।

शगुन के तौर पर 1100 रुपये स्वीकार किए

वर पक्ष ने शगुन के तौर पर महज 1100 रुपये स्वीकार किए। इसके पीछे दोनों पिता-पुत्र की एक ही राय थी कि कन्या सुशील होनी चाहिए। उसे रुपयों में नहीं तोला नहीं जाना चाहिए। बेटी अनमोल होती है। सगाई समारोह में पिता-पुत्र की इस राय की वहां मौजूद सभी मेहमानों ने प्रशंसा की। इसे समाज के लिए अनुकरणीय उदाहरण बताया। अब दोनों पिता-पुत्र ने तय किया है कि वे अपने समाज में लोगों को दहेज प्रथा का विरोध करने के लिए जागरूक करेंगे।

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Posted By: Sachin Mishra

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