उदयपुर, संवाद सूत्र। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शुक्रवार को उदयपुर जिले के सायरा थाने से एक हेड कांस्टेबल को 3500 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। उसे पहली बार किसी मामले में जांच का जिम्मा मिला था। जिसमें उसने मारपीट के केस में आरोपित को बाहर करने के एवज में रिश्वत ली थी। इससे पहले वह पांच सौ रुपये ले चुका था।

एसीबी सूत्रों ने बताया कि हेड कांस्टेबल शायर अली के खिलाफ पुनावली निवासी नरपत सिंह ने शिकायत की थी। सायरा थाने में दर्ज मामले में उसके साथ मित्र भगवत सिंह के खिलाफ मारपीट का शिकायत थी। जिसकी जांच शायर अली को सौपी गई थी। मामले से नाम हटाने की एवज में शायर अली ने 4000 रुपये की रिश्वत मांगी। पांच सौ रुपये लेने के बाद तीन हजार पांच सौ रुपये लेने शुक्रवार शाम थाने पर ही बुलाया। जैसे ही शायर अली ने रिश्वत राशि ली, एसीबी टीम ने उसे रंगे हांथों गिरफ्तार कर लिया। उसकी सायरा थाने में 15 दिन पहले ही पोस्टिंग हुई थी। 

गौरतलब है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) उदयपुर की टीम ने गुरुवार को राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले की गंगरार पंचायत समिति के विकास अधिकारी को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। रिश्वत राशि उसने जूनियर टेक्निकल असिस्टेंट (जेटीए) को रिलीव नहीं करने पर ली थी।

एसीबी उदयपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि गंगरार पंचायत समिति में कार्यरत जूनियर टेक्निकल असिस्टेंट अनिल यादव ने गंगरार पंचायत समिति के विकास अधिकारी रूपसिंह गुर्जर के खिलाफ शिकायत की थी। जिसमें उसने बताया कि अनिल यादव का तबादला गंगरार से भैंसरोडगढ़ पंचायत समिति में हो गया है। पारिवारिक कारणों से चलते वह भैंसरोडगढ़ नहीं जाना चाहता। जिस पर उसने गंगरार पंचायत समिति के विकास अधिकारी रूपसिंह गुर्जर से बात की। पारिवारिक समस्याएं बताते हुए उसने अपील की थी कि उसे कुछ दिनों तक यहां से रिलीव नहीं करें। जिस पर विकास अधिकारी रूपसिंह ने उससे एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। जब अनिल यादव ने एक लाख रुपये देने में असमर्थता जताई तो उसे तत्काल प्रभाव से रिलीव करने धमकी दी। विकास अधिकारी ने उसे एक साथ पैसे उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में टुकड़ों में पैसा देने को कहा। बाद में वह पचास हजार रुपये लेने पर सहमत हो गया।

शिकायत की सत्यापन के बाद एसीबी के सीआई हरिश्चंद्रसिंह गंगरार पंचायत समिति कार्यालय से विकास अधिकारी के रिश्वत राशि लेते ही दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम विकास अधिकारी को चित्तौड़गढ़ स्थित एसीबी चौकी लेकर पहुंची। जहां उससे पूछताछ जारी है। बताया गया कि पंचायत समिति का विकास अधिकारी रूपलाल गुर्जर मूलत: करौली जिले का रहना वाला है। एसीबी की एक टीम उसके पैतृक मकान की जांच करने गई है। जहां उसके संपत्ति अर्जन को लेकर जांच की जानी है। एसीबी ने बताया कि आरोपित को  उदयपुर लाया जाएगा। जहां उसे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो संबंधी मामलात की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

Posted By: Sachin Kumar Mishra

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