उदयपुर, जागरण संवाददाता। पति-पत्नी दोनों कोरोना पॉजीटिव निकले और अहमदाबाद के एक ही अस्पताल के नीचे अलग-अलग छत के नीचे भर्ती थे। इसी दौरान सोमवार रात पति की मौत हो गई और बेटों को सूचना देकर उसका अंतिम संस्कार मंगलवार सुबह कर दिया गया। कोरोना संक्रमित पत्नी को चिकित्साकर्मी कैसे बताएं, कि उसके पति की मौत हो चुकी है। बेटों ने भी चिकित्साकर्मियों से अपील की है कि वह मां को नहीं बताएं कि उनके पिता अब संसार में नहीं। यह कहानी है उदयपुर जिले के खेरवाड़ा उपखंड क्षेत्र के पहाड़ा गांव से जुड़े परिवार की। पहाड़ा निवासी नाथूसिंह दरोगा अहमदाबाद में निजी कंपनी में बतौर चालक नियुक्त थे।

वह अपनी पत्नी के साथ वहां रहा करते थे, जबकि परिवार यहीं गांव में है। गत पंद्रह जून को नाथूसिंह कोरोना पॉजीटिव पाए गए। उसी दिनउनकी पत्नी की भी जांच हुई और वह भी कोरोना पॉजीटिव निकली। दोनों को अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में भर्ती कर लिया गया, किन्तु दोनों एक ही अस्पताल में होते हुए अलग-अलग छत के नीचे थे और मिल नहीं पाते थे। ऐसे में नाथूसिंह से उनकी पत्नी मोबाइल के जरिए संपर्क कर लेती थी। सोमवार दोपहर भी उनकी बात हुई। सोमवार रात नाथूसिंह कोरोना से जंग हार गए और उनकी मौत हो गई।

इसकी सूचना उन्होंने नाथूसिंह के बेटों को दी। जिस पर पहाड़ा से उनके परिजन अहमदाबाद पहुंचे तथा मंगलवार सुबह परिजनों ने दूर से ही नाथूसिंह के अंतिम दर्शन किए और वहां से शव सीधे श्मसान घाट ले जाया गया और अंतिम संस्कार कर दिया गया। सोमवार रात नाथूसिंह से बात करने की उनकी पत्नी ने चिकित्साकर्मियों से काफी जिद की लेकिन वह उन्हें यह नहीं बताना चाहते कि अब वह इस दुनिया में नहीं है। इधर, नाथूसिंह के बेटों ने भी चिकित्साकर्मियों से यह अपील की थी कि वह उनकी मां को पिता के मौत की जानकारी अभी नहीं देें। यदि उन्हें यह पता लगा कि नाथूसिंह नहीं रहे तो वह स्वस्थ नहीं हो पाएंगी।

Posted By: Vijay Kumar

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