राज्य ब्यूरो, जयपुर। रविवार के सूर्यग्रहण में राजस्थान में दो स्थानों घडसाना और सूरतगढ में सूर्य का सिर्फ एक प्रतिशत हिस्सा नजर आएगा और कंगन जैसी आकृति दिखेगी। यह दोनों स्थान उत्तरी राजस्थान में है जहां करीब 20 किलोमीटर की पट्टी में सूर्य का 99 प्रतिशत हिस्सा ग्रहण में रहेगा।

जयपुर स्थित बी.एम.बिड़ला तारामण्डल के सहायक निदेशक संदीप भट्टाचार्य ने बताया कि इस दिन  ग्रहण की छाया राजस्थान में करीब सुबह 10:15 बजे सूरतगढ और घडसाना से प्रवेश करेगी एवं करीब तीन घंटे तक सम्पूर्ण प्रदेश में इसे देखा जा सकेगा। सूर्य के वलय पर चंद्रमा का पूरा आकार नजर आएगा सूर्य का केन्द्रीय भाग पूरा काला नजर आएगा, जबकि किनारों पर चमक रहेगी। इससे सूर्य कंगन की तरह दिखेगा। उन्होंने बताया कि जयपुर में चंद्रमा सूर्य के 88 प्रतिशत हिस्से को कवर किया हुआ दिखाई देगा।

1995 में दिखा था अंगूठी जैसा- भटटाचार्य ने बताया कि 21 जून को होने वाला सूर्यग्रहण 25 वर्ष पहले 24 अक्टूबर 1995 को हुए सूर्यग्रहण की याद दिला देगा। उस दिन सूर्य अंगूठी की तरह नजर आया था। दिन में अंधेरा छा गया था। उस समय भी राजस्थान के सीकर जिले के राजस्थान के नीम का थाना में इसे सबसे ज्यादा पूर्णता के साथ देखा गया था और दुनियाभर से वैज्ञानिक इसे कवर करने राजस्थान पहुंचे थे। पहली बार इस घटना का दूरदर्शन पर सीधा प्रसारण किया गया जिसे ख्यातनाम वैज्ञानिक स्वर्गीय यशपाल ने कवर किया था।

Posted By: Vijay Kumar

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