जयपुर, जागरण संवाददाता। एक तरफ तो देशभर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों का निर्माण करने के साथ ही सफाई पर जोर दिया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ राजस्थान में महिला पुलिसकर्मियों के लिए पुलिस थानों और लाइनों में पर्याप्त संख्या में शौचालय नहीं है। शौचालयों की कमी के चलते महिला पुलिसकर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

राज्य के पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र सिंह यादव खुद मानते हैं कि प्रदेश में 2805 महिला शौचालयों की जरूरत है, लेकिन बजट के अभाव में इनका निर्माण नहीं हो पा रहा। इस बारे में यादव ने गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव स्वरूप को पत्र लिखा है। इस पत्र में शौचालयों के निर्माण के लिए 17 करोड़ की जरूरत बताई गई है।

प्रदेश के 862 पुलिस थानों में से 473 में ही महिला शौचालय हैं, शेष 389 पुलिस थानों में महिला पुलिसकर्मियों को पुरूष शौचालयों का ही उपयोग करना पड़ता है। जानकारी के अनुसार प्रदेश के 36 रिजर्व पुलिस लाइन हैं। इनमें 800 से 1000 पुलिसकर्मी रहते हैं। इनमें से प्रत्येक पुलिस लाइन में करीब 100 से 200 महिला पुलिसकर्मी रहती है। जरूरत के हिसाब से प्रत्येक पुलिस लाइन में 10 शौचालय महिलाओं के लिए बनने चाहिए। 36 पुलिस रिजर्व लाइन में कुल 171 शौचालय है।

प्रदेश के 10 पुलिस प्रशिक्षण संस्थान में भी आवश्यक संख्या में महिला शौचालय नहीं है। पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले साल राज्य सरकार को पत्र लिखकर महिला शौचालयों की रिपोर्ट मांगी थी। लेकिन राज्य सरकार ने इस पत्र का जवाब अब तक नहीं दिया है। 

Posted By: Preeti jha

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