जयपुर, जेएनएन। Audrey Azoulay In Jaipur. राजस्थान की राजधानी जयपुर को विश्व विरासत के दर्जे का प्रमाणपत्र सौंपने आई यूनेस्को की महानिदेशक ऑड्रे अजोले शहर की स्थापत्य कला और प्राचीन विरासत से खासी खुश दिखीं। इस मौके पर उन्होंने जयपुर के विश्व प्रसिद्ध हवामहल की विजिटर्स बुक में लिखा है कि जिस तरह से इस शहर को आगंतुकों, राजस्थान और भारत के लोगों के लिए संजोकर रखा गया है, वह अद्भुत है। विरासत की दृष्टि से यह शहर वास्तव में एक खजाना है, इसकी अहमियत विश्वव्यापी है। इसीलिए इसे यूनेस्को विश्व विरासत स्थलों की सूची में स्थान दिया गया है।

यूनेस्को ने जयपुर के परकोटा क्षेत्र को पिछले वर्ष विश्व विरासत का दर्जा दिया था। इसका प्रमाणपत्र औपचारिक तौर पर राजस्थान सरकार को सौंपने के लिए यूनेस्को की महानिदेशक अजोले बुधवार को जयपुर दौरे पर थीं। इस मौके पर उन्होंने जयपुर नगर निगम की ओर से अल्बर्ट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान के स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल को यह प्रमाण-पत्र सौंपा। इससे पहले यहां उन्होंने आमेर का किला, महल, हवामहल, जलमहल सहित जयपुर के ऐतिहासिक स्थल देखे और इनकी स्थापत्य कला को अद्भुत बताया। उन्होंने कहा कि इस शहर की विरासत मानव प्रतिभा और विविधता का अनूठा उदाहरण है। राजस्थान की भव्यता विश्वव्यापी है। जिसको देखते हुए ही जयपुर शहर को विश्व विरासत स्थल का दर्जा दिया गया है। यूनेस्को और जयपुर के बीच अटूट रिश्ता है, जो संस्कृति और विरासत के आधार पर वर्षों से चला आ रहा है। जयपुर को विश्व विरासत स्थल का दर्जा देकर इस रिश्ते को संजोया गया है।

हवा महल के बाहर लगी पट्टिका का अनावरण

यूनेस्को महानिदेशक ने जल महल और हवा महल के सामने फोटो खिंचवाकर जयपुर भ्रमण की यादों को संजोया। इसके साथ ही नगर निगम जयपुर द्वारा हवा महल के बाहर लगवाई गई विश्व विरासत स्थल पट्टिका का अनावरण किया। इस मौके पर उनके साथ यूनेस्को का दल भी मौजूद था। उनके दौरे के मद्देनजर जयपुर में कड़ी सुरक्षा की गई थी।

यह भी पढ़ेंः जयपुर का विश्व विरासत का दर्जा बरकरार रखने को यूनेस्को के बताए काम में जुटी सरकार

 

Posted By: Sachin Kumar Mishra

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस