जयपुर, जागरण संवाददाता। डाकिये के घर में 10 बोरी एटीएम कार्ड, चेक बुक, शोक संदेश और शादी के कार्ड मिले वह एक साल से डाक बांटने के बजाय घर में बोरों में एकत्रित कर रहा था।

राजस्थान के बीकानेर में डाक विभाग का एक डाकिया पिछले एक साल से लोगों तक उनके पत्र पहुंचाने के बजाय अपने घर में एकत्रित कर रहा था। एक साल बाद जब दो दिन पहले शिकायत उच्च स्तर तक पहुंची तो डाक विभाग के आला अधिकारियों ने पुलिस के साथ मिलकर मामले की जांच की। जांच करते हुए डाक विभाग के अधिकारी और पुलिसकर्मी डाकिये के घर पहुंचे तो वहां 10 बोरियों में पत्र, एटीएम कार्ड के लिफाफे, चेक बुक, सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र, पैन कार्ड, शादियों के कार्ड और शोक संदेश मिले। यह सब देखकर अधिकारी हैरान रह गए।

मामला उच्च स्तर तक पहुंचा तो शुक्रवार को डाकिये राजकुमार को निलंबित कर दिया गया। बीकानेर शहर के अधिकांश लोगों को पिछले एक साल से डाक नहीं मिल रही थी। इसकी वे कई बार शिकायत कर चुके थे। जयपुर स्थित मुख्य डाकघर तक मामला पहुंचा तो दो दिन पहले बीकानेर शहर के शिवबाड़ी पोस्ट ऑफिस की जांच की गई। वहां सामने आया कि डाकिया राजकुमार डाक वितरित करने का काम करता है। इस पर उससे पूछताछ की गई। उसने समय पर डाक बांटने की बात कही। लेकिन अधिकारियों को उस पर शक हुआ। जांच की गई, कुछ लोगों से पूछताछ भी हुई। इसमें सामने आया कि राजकुमार प्रतिदिन शिवबाड़ी पोस्ट ऑफिस से बांटने के लिए डाक लेकर जाता था, लेकिन लोगों तक पहुंचाने के बजाय अपने घर पर ही जमा कर लेता था।

जांच करने उसके घर पहुंचे अधिकारियों को 10 बोरियों में भरे दस्तावेज मिले तो वे हैरान रह गए। सख्ती से पूछताछ के बाद भी वह कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। इस पर उसे निलंबित कर दिया गया। डाक अधीक्षक ने मामले की जांच निरीक्षक नरेंद्र धवल को सौंपी है। धवल ने बताया कि डाकिये के घर काफी सामान मिला है। उन्होंने माना कि डाकिये की गलती से कई लोगों को नियुक्ति पत्र नहीं मिल सका तो कई अपने रिश्तेदारों के शोक और शादी समारोह में शामिल नहीं हो सके।

Posted By: Preeti jha

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप