अभिषेक जोशी, हरिके पत्तन : अक्टूबर माह में सर्दी ने दस्तक देनी शुरू कर दी है। इसके चलते विदेशों से आने वाले पक्षियों की आमद भी शुरू हो गई है। इन विदेशी पक्षियों की सुरक्षा के लिए व‌र्ल्ड लाइफ विभाग द्वारा बकायदा शिकारियों पर शिकंजा कसने लिए टीमें गठित की हैं, ताकि विदेशी पक्षियों की सुरक्षा यकीनी बनाई जा सके।

जिला तरनतारन, कपूरथला, फिरोजपुर के आधारित हरिके पत्तन बर्ड सेंक्चुरी 86 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई है। यहां पर हर वर्ष विदेशों से लंबी उड़ाने भरकर पक्षी आते हैं। हरिके पतन बर्ड सेंक्चुरी का महत्व 2012 में उस समय बढ़ा जब करमूवाला क्षेत्र के पास डालफिन देखी गई थी। बाद में विशेषज्ञों ने लंबे अध्ययन के बाद खुलासा किया था कि यहां तीन से अधिक डालफिन हैं। गत वर्ष पूर्व यहां पर डालफिन की संख्या दस के करीब पाई गई थी। हरिके पतन में हर वर्ष लगभग 250 प्रजातियों के पक्षी आते हैं।

विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों की आमद शुरू

चीफ वाइलड वार्डन चंडीगढ़ कुलदीप कुमार ने बताया कि विदेशी पक्षियों की सुरक्षा यकीनी बनाने लिए मोटर नाव की मदद से रात और दिन के समय गश्त शुरू कर दी है, क्योंकि आम तौर पर बर्ड सेंक्चुरी में अवैध शराब की कशीदगी करने वाले तस्करों द्वारा लगाई गई आग पक्षियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने बताया कि हरिके पतन बर्ड सेंक्चुरी में ब्लेक हेडड इबिस, रड्डी शेलडक, ब्राउन हेडड गुल्ल, ब्लेक हेडड गुल्ल, रूड़ी शेलडक, कामन शेलडक, सोल्वर, कामन पोचड, शेंड पाइपर, ग्रे लेग गीज सहित विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों की आमद होती है। आम तौर पर तजाकिस्तान, कजाकिस्तान, अफगानिस्तान, साइबेरिया, रशिया आदि से आने वाले पक्षी यहां के अच्छे माहौल में अंडे देते हैं।

पर्यटक के लिए हट बनाया

डब्ल्यूडब्लयूएफओ की प्रोजेक्ट अधिकारी गीतांजलि ने बताया कि विदेशी पक्षियों की आमद शूरू होते ही यहां पर पर्यटकों की संख्या भी बढ़ जाती है। ऐसे में विदेशी पक्षियों का दूर से नजारा देखने के लिए पर्यटकों के हट बनाए गए हैं।

Posted By: Jagran

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