जागरण संवाददाता, तरनतारन : कोरोना महामारी के चलते नौ माह तक बंद रही हरिके पत्तन बर्ड सेंक्चुरी को पर्यटकों के लिए 20 दिन पहले खोल दिया गया था, परंतु पहले की तरह यहां पर विदेशी मेहमानों की रौनक देखने के लिए पर्यटकों की आमद नहीं हो रही।

हरिके पत्तन बर्ड सेंक्चुरी में सर्दी का मौसम शुरू होते ही नवंबर में विदेशी पक्षियों की आमद शुरू हो जाती है। इन विदेशी पक्षियों को देखने के लिए दूरदराज से पर्यटक भी हरिके पत्तन बर्ड सेंक्चुरी का रुख करते हैं, परंतु कोरोना काल के दौरान नौ माह तक बंद रही हरिके पत्तन बर्ड सेंक्चुरी खोले जाने के बावजूद सैलानियों की आमद नहीं हो रही। कोरोना के चलते दूसरे राज्यों से पर्यटकों की आमद उतनी नहीं हो रही। अभी बोटिंग बंद, बाहर से भी नहीं ला सकते खाना

पक्षी देखने आए पर्यटक विकास कुमार, हिम्मत कुमार, बलबीर सिंह, दिलशेर सिंह, पंकू पंडित, गुरमीत सिंह, रेनु अग्रवाल, कुलजीत कौर का कहना है कि बर्ड सेंक्चुरी में अभी बोटिंग नहीं करवाई जा रही। पक्षी देखने के लिए वे यहां आए तो हैं, मगर यहां पर खाने-पीने का सामान भी नहीं मिलता और न ही बाहर से एसा सामान लाने दिया जाता है। पहले आते थे 150 से 200 लोग, अब 15-20 ही आ रहे

2016 में हरिके पत्तन बर्ड सेंक्चुरी में 59,431, 2017 में 64,974, 2018 में 81,971, 2019 में 91,125 विदेशी पक्षियों की आमद हुई थी। इन विदेशी पक्षियों को देखने के लिए बर्ड सेंक्चुरी में प्रत्येक दिन 150 से 200 लोगों की आमद होती थी। 15 दिसंबर को वन मंत्री साधू सिंह धर्मसोत ने यहां आकर बर्ड सेंक्चुरी को पर्यटकों के लिए खोलने की घोषणा की थी, जिसके चलते यहां पर प्रत्येक दिन में पंद्रह से बीस लोग ही विदेशी पक्षियों को देखने आ रहे हैं। आने वाले दिनों में बढ़ेगी लोगों की संख्या : कंवर

डब्ल्यूडब्ल्यूएफओ की प्रोजेक्ट अधिकारी गीतांजलि कंवर का कहना है कि बर्ड सेंक्चुरी को सुंदर व सैलानियों की सुविधा लिए सरकार द्वारा हाल ही में 15 करोड़ की राशि पर्यटकों को सुविधा मुहैया करवाने के लिए मंजूर की गई है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के चलते अभी बाहरी राज्यों से लोगों की आमद नहीं हो रही। हालांकि आने वाले दिनों में बर्ड सेंक्चुरी में सैलानियों की आमद बढ़ने की संभावना है।

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