धर्मबीर सिंह मल्हार, तरनतारन: स्टेट स्पेशल आपरेशन सेल (एसएसओसी) की तरफ से दो हैंड ग्रेनेडों और दो विदेशी पिस्टलों सहित गिरफ्तार किए आतंकी रंजीत सिंह उर्फ राणा सोहल के तार इंगलैंड से जुड़ रहे हैं। हालांकि अभी तक ये नहीं पता चल पाया कि वहां से इस आतंकी को कुल कितनी फंडिग हो चुकी है। चार दिन के रिमांड पर लिए आतंकी सोहल से कौम दे राखे संस्था से जुड़े कुछ लोगों की सूची तैयार करके ये भी पता लगाया जा रहा है कि इस संस्था के नाम पर कुल कितनी फंडिग हो चुकी है।

थाना झब्बाल के गांव सोहल निवासी रंजीत सिंह उर्फ राणा के साथ दो ओर लोग जुड़े हुए है, जिनके नाम का खुलासा पुलिस द्वारा अभी नहीं किया जा रहा, क्योंकि इंगलैंड से जुड़े आतंकी राणा को इन दोनों शख्सों ने हिदू नेताओं और धार्मिकस्थलों को निशाना बनाने का टारगेट दिया था। खुफिया एजेंसियां ये पता लगाने में जुड़ी हुई है कि इंगलैंड में बैठकर आतंकियों को कौन दिशा-निर्देश देता है। कौम दे राखे संस्था के नाम पर समाज सेवा के काम करने वाले आतंकी रंजीत सिंह राणा के मोबाइल फोन की काल डिटेल को खंगाला जा रहा है। सूत्रों की मानें तो मोबाइल फोन से कुछ दस्तावेज भी सेल के हाथ लगे है। एडीजीपी आरएन ढोके की मानें तो मामले की जांच अभी शुरू हुई है। जांच में क्या सामने आया है, इस बाबत अभी कुछ कहना मुनासिब नहीं। हालांकि एडीजीपी ढोके मानते है कि पाक की आइएसआइ एजेंसी द्वारा विदेशों में बैठे आतंकी संगठनों की मदद से फंडिग के माध्यम से प्रदेश का माहौल बिगाडऩे का प्रयास किया जा रहा है, परंतु पुलिस पूरी तरह से आतंकी मंसूबों को नाकाम कर रही है। फिरोजपुर, पठानकोट घटना के तार भी आपस में लगे जुडऩे

19 नवंबर को फिरोजपुर जिले के गांव सेखवां से टिफिन में हैंड ग्रनैड बरामद हुआ था। जबकि 22 नवंबर को पठानकोट स्थित आर्मी एयर बेस के गेट पर हैंड ग्रनैड फेंका गया था। इतना ही नहीं शहीद भगत सिंह (एसबीएस) नगर स्थित सीआइए स्टाफ के कांप्लेक्स में भी आतंकियों द्वारा धमाका किया गया था। इन सभी वारदातों के तार आतंकी रंजीत सिंह राणा से जुड़ते दिखाई दे रहे है। पुलिस अभी ये भी पता लगाने में जुटी है कि आतंकी राणा जिस धार्मिक डेरे में अक्सर रहता था, उसकी भूमिका क्या रही है।

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