धर्मबीर सिंह मल्हार, तरनतारन : दो पड़ोसी मुल्कों की 71 वर्ष की आपसी दूरी को कम करने लिए भारत सरकार द्वारा श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर के लिए फैसला लेते ही इस दिशा में पाक सरकार ने भी सकारात्मक कदम बढ़ाया है। दोनों सरकारों के इस फैसले से संत समाज में खुशी का माहौल पाया जा रहा है। उनका कहना है कि बिछड़े गुरुधामों के दर्शन दीदार अब आसान हो जाएंगे। दैनिक जागरण द्वारा इस मुद्दे पर विभिन्न शख्शियतों से बातचीत की गई। केंद्र सरकार का फैसला एतिहासिक

पद्म श्री व पर्यावरण प्रेमी संत बाबा सेवा सिंह खडूर साहिब वालों का कहना है कि केंद्र सरकार ने दुनिया भर के सिखों को बड़ा सम्मान दिया है। श्री गुरु नानक देव जी के 549 वें प्रकाश पर्व के मौके पर लिया गया फैसला एतिहासिक है। वहीं पाकिस्तान की इमरान सरकार ने भी अच्छा फैसला लिया गया है। गुरु जी ने मेहनत का सबक दिया

बाबा बिधि चंद संप्रदाय के मुखी संत बाबा अवतार सिंह सुरसिंह वालों का कहना है कि 1552 से 1539 तक श्री गुरु नानक देव जी ने गांव कोठे (अब पाकिस्तान) में 17 वर्ष गुजारे। दुनी चंद नामक व्यक्ति ने 100 एकड़ जमीन बाबा जी को खेती लिए दी। गुरु जी के आशीर्वाद से यहां की खेती की पैदावार अच्छी रही। बंजर जमीन पर खेती करके लोगों को श्री गुरु नानक देव जी ने मेहनत का सबक दिया। सिख कौम का गौरव बढ़ेगा

कार सेवा सरहाली संप्रदाय के मुखी संत बाबा सुक्खा सिंह का कहना है कि केंद्र सरकार ने कॉरिडोर का फैसला लेकर सिख कौम की भावनाओं की कदर की है। उन्होंने कहा कि करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलने की मांग 1999 में प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेई द्वारा उठाई गई थी। दोनों देशों के फैसले से दुनिया भर में बैठी सिख कौम का गौरव बढ़ेगा।

सिख कौम को तोहफा दिया

एसजीपीसी के महासचिव गुरबचन सिंह करमूंवाला कहते हैं कि 71 वर्ष से सिख कौम द्वारा जो अरदास की जा रही है। उसके नतीजे के तौर पर केंद्र सरकार ने श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व मौके सिख कौम को तोहफा दिया है। श्री गुरु नानक देव जी के 550 वें प्रकाश पर्व के मौके करतारपुर कॉरिडोर खोलने की मांग शिरोमणि अकाली दल द्वारा रखी जा रही थी।

सुखबीर बादल है बधाई के हकदार

शिरोमणि अकाली दल के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष अलविंदरपाल सिंह पखोके कहते है कि दुनिया भर में बैठी सिख कौम को उस समय तोहफा मिला है जब श्री गुरु नानक देव जी का 550 वां प्रकाश पर्व मनाने के लिए तैयारियां की जा रही है। उन्होंने कहा कि शिअद के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल बधाई के हकदार है। जिनकी अगुवाई में शिअद द्वारा यह मांग उठाई गई।

Posted By: Jagran