जागरण संवाददाता, तरनतारन : प्रदेश में नशा खत्म करने लिए शुरू की गई मुहिम का जायजा लेने लिए एडीजीपी (स्पेशल टास्क फोर्स) गुरप्रीत दयो ने जिले के पुलिस व सिविल अधिकारियों को कहा कि राज्य में नशे को खत्म करने लिए डेपो प्रोग्राम शुरू किया गया था। उसके अच्छे नतीजे सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2 वर्षो में तस्करों की 20 करोड़ रुपये की जायदाद जब्त की गई है। सरकार की इस मुहिम के साथ आम लोगों का जुड़ना एक मिसाल है।

उन्होंने कहा कि स्वेच्छा से नशा छोड़ने वाले लोगों का सरकार द्वारा राज्य भर में चल रहे 174 ओट केंद्रों में फ्री इलाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशे का व्यापार करने वाले तस्करों को काबू करने लिए सख्त कार्रवाई की जा रही है और तस्करों की जायदाद भी जब्त की जा रही है।

डीसी प्रदीप सभ्रवाल ने कहा कि जिले में अब तक 29,977 डेपो वालंटियर रजिस्टर्ड किए गए हैं। 4336 नशा रोकू निगरान कमेटियां बनाई गई हैं। जिले में 10 ओट केंद्रों व प्राइवेट नशा मुक्ति केंद्रों में 18 हजार से अधिक मरीजों को रजिस्टर्ड कर इलाज किया जा रहा है। नशा विरोधी मुहिम के तहत शुरू किए गए बड्डी प्रोग्राम के तहत 598 सरकारी व प्राइवेट स्कूलों व कॉलेजों में विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए गत दिनों में प्रोग्राम करवाए गए हैं। इस अवसर पर आइजी (स्पेशल टास्क फोर्स) आरके जायसवाल, एसएसपी कुलदीप सिंह चहल, एडीसी जर्नल संदीप ऋषि, सिविल सर्जन डॉ. नवदीप सिंह, एसडीएम अनमोल सिंह धालीवाल, कुलप्रीत सिंह, जीए हरदीप सिंह धालीवाल मौजूद थे। बैठक में पहुंचे मीडिया कर्मियों को रोका

लोक संपर्क विभाग ने बैठक की कवरेज लिए मीडिया को न्यौता दिया था। कवरेज के लिए जब मीडिया कर्मी कांफ्रेंस हाल में पहुंचे तो डीसी के गनमैनों ने अंदर जाने से मना कर दिया। जिसके बाद मीडिया कर्मी विरोध जताकर वापस लौट आए। यह सब कुछ लोक संपर्क विभाग के अधिकारी की मौजूदगी में हुआ। बाद में डीसी प्रदीप सभ्रवाल के ध्यान में मामला लाया गया। डीसी ने कहा कि किसी गलतफहमी के कारण ऐसा अगर हुआ है तो उसका खेद है।

Posted By: Jagran

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