संवाद सहयोगी, जालंधरस अमृतसर : बस स्टैंड के पास स्थित अरोड़ा मनी चेंजर की दुकान से लाखों की लूट के मामले में कमिश्नरेट पुलिस ने लूट की साजिश रचने वाली तरनतारन के गुरु तेग बहादुर नगर निवासी सर्बजीत कौर, उसी के मोहल्ले में रहने वाले गगनदीप सिंह व तरनतारन के पंडोरी गोला गांव निवासी जसपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। चौथा आरोपित तरनतारन के बलियांवाल निवासी गुरकृपाल सिंह फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में छापामारी की जा रही है। आरोपितों के पास से पुलिस ने .32 बोर की पिस्टल, तीन मोबाइल, ढाई लाख की भारतीय करंसी, साढ़े तीन लाख की विदेशी करंसी, तीन मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल होने वाली बाइक बरामद कर ली है। कमिश्नरेट पुलिस ने इस केस को मात्र 18 घंटे में ही हल कर लिया। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने केस हल करने वाली टीम को इनाम देने की घोषणा की है।

शुक्रवार शाम को अरोड़ा वेस्टर्न यूनियन दोआबा मार्केट के पास बस स्टैंड से अज्ञात व्यक्तियों ने गन प्वाइंट पर लूट की थी। आरोपित 2.59 लाख की भारतीय करंसी, 2 हजार कैनेडियन डालर, 850 यूरो, 779 यूएस डालर, 800 दिरहम, 16 हजार थाई बाठ मुद्रा और तीन फोन लूट ले गए थे। दुकान के मालिक करार खां मोहल्ला निवासी राकेश कुमार के बयानों पर थाना छह में मामला दर्ज हुआ था। लूट के समय सर्बजीत कौर दुकान पर काम करने वाली रुपिदर कौर से मिलने आई थी। दोनों रिश्ते में बहनें हैं। लूट के बाद भी सर्बजीत कौर वहीं पर बैठी रही, जिसे पुलिस ने राउंडअप कर लिया था। पुलिस की थोड़ी सी सख्ती के बाद सर्बजीत कौर टूट गई और लूट की सारी कहानी बता दी। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने 22 वर्षीय जसपाल सिंह और 22 वर्षीय गगनदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गुरकृपाल सिंह की तलाश में पुलिस टीम रवाना कर दी गई है। पांच साल से दुकान पर आ रही थी सर्बजीत कौर

सर्बजीत कौर के पति की मौत हो चुकी है और वह अपने बेटे के साथ रहती है। उसकी बहन रुपिदर कौर मनी चेंजर राकेश कुमार के पास काम करती थी। करीब पांच साल पहले सर्बजीत ने राकेश से विदेशी करंसी के बदले भारतीय करंसी ली थी। इसके बाद से वह वहां पर आती जाती थी। उसे मालूम था कि राकेश कुमार के पास हर वक्त भारतीय और विदेशी करंसी मौजूद होती है। लूट की साजिश रचने के बाद सर्बजीत कौर ने सात दिनों में तीन बार दुकान पर आकर जसपाल से रेकी करवाई, जिसके बाद लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। जसपाल के खिलाफ दर्ज है हत्या का मामला

लूट की योजना बनाने में शामिल रहे आरोपित जसपाल सिंह के खिलाफ 2018 में तरनतारन पुलिस स्टेशन में हत्या का मामला दर्ज किया गया था। आपराधिक प्रवृति का जसपाल अवैध पिस्टल लेकर आया था और लूट के बाद पिस्टल लेकर निकल गया था। बाइक पहले ही खड़ा कर दिया था पुल पर

आरोपित जानते थे कि लूट के बाद मौके से भागने में परेशानी आ सकती है, क्योंकि बस स्टैंड के पास भीड़ होती है। इसके चलते गगनदीप बाइक से वहां आया, जबकि बाकी तीनों आरोपित बस से आए। लूट से पहले बाइक बस स्टैंड के पास स्थित पुल पर ही खड़ी कर दी गई, ताकि भागने में आसानी हो। गगन बाइक के पास ही खड़ा था। वारदात के बाद जब सभी भागे तो सीधे पुल पर गए और बाइक पर गगन के पीछे बैठ कर फरार हो गए। सर्बजीत ने अपना मोबाइल खुद लुटवाया, ताकि न हो शक

सर्बजीत कौर ने लूट के दौरान अपना मोबाइल खुद ही आरोपितों को पकड़ा दिया था। यह भी उनकी साजिश का हिस्सा था। रुपिदर कौर और राकेश का मोबाइल इसलिए छीना गया कि वो जल्दी से पुलिस को फोन न कर सकें। वहीं सर्बजीत का मोबाइल आरोपित इसलिए ले गए, ताकि एक तो उस पर शक न जाए और दूसरा उसके फोन से बार-बार फोन काल और मैसेज हो रहे थे, जिनको पुलिस ट्रेस न कर पाए। दैनिक जागरण ने अपने शनिवार के अंक में वारदात किसी अपने के ही किए जाने की आशंका है और रेकी के बाद वारदात हुई है। पुलिस ने जब इस एंगल पर काम किया तो मामला ट्रेस हो गया। यह था मामला

शुक्रवार शाम को को बस स्टैंड के पास स्थित अरोड़ा मनी चेंजर की दुकान पर नकाबपोश लुटेरों ने गन प्वाइंट पर लाखों की लूट की थी। जाते-जाते दुकान मालिक राकेश कुमार और उनके पास काम करने वाली लड़की और मिलने के लिए आई सरबजीत कौर के मोबाइल भी साथ ले गए थे।

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