संसू, तरनतारन : माघ महीने की संक्रांति मौके दूर-दूर से पहुंची संगतों ने गुरु घरों में माथा टेककर सरबत के भले की अरदास करवाई और ठंड की परवाह किए बिना पावन सरोवरों में आस्था की डुबकी लगाई।

श्री दरबार साहिब, तरनतारन में सुबह हेड ग्रंथी ज्ञानी सतपाल सिंह ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन गुरबाणी का संगत को हुकमनामा सुनाया व संगत को माघ महीने की बधाई देते बताया कि श्री मुक्तसर साहिब का इतिहास सिख कौम लिए गौरवमय है। इस मौके संगतों के लिए गुरु के लंगर का भी प्रबंध किया गया। संगत ने पावन दुख निवारण सरोवर में स्नान करते माघी के पावन त्योहार की खुशी सांझी की। गुरुद्वारा श्री बाउली साहिब (गोइंदवाल) में भी मैनेजर जगजीत सिंह सांघणा की अगुआई में धार्मिक समागम का परवाह चलाया गया। संगतों ने पावन श्री बाउली साहिब में स्नान करके सरबत के भले लिए अरदास की। गुरुद्वारा बीड़ बाबा बुड्ढा साहिब में रात भर से ही संगत की आमद शुरू हो गई। हेड ग्रंथी निशान सिंह गंडीविड ने संगत को हुकमनामा श्रवण करवाया। जिसके बाद पूरा दिन गुरबाणी का परवाह चलता रहा। आशा वर्करों ने मनाया माघी का त्योहार

आशा वर्कर व फेसिलिटेटर यूनियन ने मेहनताना बढ़ाए जाने पर खुशी व्यक्त करते हुए माघी का त्योहार मनाया।

यूनियन की जिलाध्यक्ष मनजिदर कौर हरिके की अगुआई में आशा वर्करों ने कहा कि लंबे संघर्ष ने रंग लाते हुए राज्य भर की आशा वर्करों के परिवारों में खुशी पैदा हुई है। इस अवसर पर वीरपाल कौर, रजवंत कौर, अनीता रानी, राजबीर कौर, गुरसेवक कौर, जसबीर कौर, मनमीत कौर ने कहा कि सरकार ने आशा वर्करों के हित में अच्छा फैसला लिया है।

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