जागरण संवाददाता, तरनतारन : दैनिक जागरण में खबर छपने के बाद आखिरकार एक साल बाद प्रशासन की नींद टूटी और पहली बरसी पर पुलवामा आतंकी हमले में शहीद सीआरपीएफ के हवलदार सुखजिंदर सिंह के परिवार को बकाया सात लाख की राशि दे दी गई। एडीसी सुरिदर सिंह ने यह राशि शुक्रवार को शहीद परिवार को सौंपी। शहादत के समय पंजाब सरकार ने सरकार 12 लाख रुपये की राशि शहीद परिवार को देने की घोषणा की थी, लेकिन उस समय कैबिनेट मंत्री साधू सिंह धर्मसोत ने पांच लाख की राशि ही दी थी। नौकरी के लिए ग्रेजुएशन करेगी सरबजीत

शहीद सुखजिंदर सिंह की पत्नी को सरकार की तरफ से चपरासी की नौकरी दी जा रही थी, जो उसने लेने से मना कर दिया। अब सरकार ने फैसला किया है कि शिक्षक योग्यता मुताबिक नौकरी तीन वर्ष बाद दी जा सकती है। शहीद की पत्नी सरबजीत कौर ने बताया कि वह 12वीं पास है। चपरासी की नौकरी हरगिज नहीं करूंगी। तीन वर्ष के दौरान ग्रेजुएशन की पढ़ाई करूंगी, फिर नौकरी ज्वाइन करूंगी। खबर छपने के बाद कैप्टन ने जारी किए आदेश

शहीद सुखजिंदर के परिवार को बकाया सात लाख की राशि साल बाद भी न मिलने के संबंध में दैनिक जागरण ने 12 फरवरी को 'बीता साल, न मिली नौकरी, न सात लाख' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। अगले ही दिन शिअद अध्यक्ष व सांसद सुखबीर सिंह बादल ने फेसबुक पेज पर खबर की कटिंग शेयर कर कैप्टन सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया था। इसके बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिंह ने डिप्टी कमिश्नर तरनतारन प्रदीप सभ्रवाल को बकाया राशि शहीद परिवार को देने के आदेश दिए थे। वहीं शुक्रवार को बकाया साथ लाख रुपये मिलने पर शहीद के पिता गुरमेज सिंह, मां हरभजन कौर, भाई गुरजंट सिंह, बहन लखविंदर कौर ने कहा कि सरकार को सभी शहीदों के परिवार की सुध लेनी चाहिए।

Posted By: Jagran

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