धर्मबीर सिंह मल्हार, तरनतारन

जिले में सोमवार को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए लुटेरा गिरोह के एक सदस्य गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी भुल्लर के शव का पट्टी अस्पताल में तीन सदस्यीय डाक्टरी पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पैनल में भुल्लर का डा. मंदीप सिंह, मनदीप सिंह व डा. मनजोत कौर शामिल थे। सूत्रों के मुताबिक, मृतक के शरीर पर घाव पाया गया है। यह गोली का था या गिरने से लगा, इस बाबत बुधवार को रिपोर्ट सार्वजनिक करने की संभावना है। एसएसपी ध्रुमन एच निंबाले ने दावा किया था कि गोपी भुल्लर की मौत गोली लगने से नहीं हुई बल्कि नशे से या भागते समय हार्टअटैक आने से हुई है।

उधर मुठभेड़ में घायल हालत में पकड़े गए चारों लुटेरों को कड़ी सुरक्षा के बीच सिविल अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में रखा गया है। पुलिस की टीम इस गिरोह के संपर्क में रहने वालों का भी पता लगा रही है। दो दिन में लूटपाट की सात वारदात को अंजाम देने वाले इस गिरोह ने गोलियां मारकर तीन लोगों को घायल किया था। इसके बाद पुलिस ने उनको काबू करना चाहा तो उन्होंने मैरिज पैलेस में दाखिल होने पर गोलियां चलाईं थीं। इसमें घायल हुए पंजाब होमगार्ड के जवान सरबजीत सिंह निवासी चोहला साहिब का अमनदीप अस्पताल में आपरेशन करके दो गोलियां निकाली गई। उधर थाना पट्टी के प्रभारी सब इंस्पेक्टर लखबीर सिंह के सिर में भी गोली लगने से घाव पाया गया। लखबीर का मंगलवार को पट्टी अस्पताल से मेडिकल करवाया गया। केमिस्ट की दुकान में विक्स की गोलियां लेने के बहाने घुसे थे

लुटेरों की गोली से घायल हुए गांव नौरंगाबाद निवासी केमिस्ट सुखराज सिंह की हालत में सुधार हो रहा है। सिविल अस्पताल में भर्ती सुखराज ने बताया कि विक्स की गोलियां लेने के बहाने एक-एक करके तीन लोग जब दुकान पर दाखिल हुए तो उनके चेहरे ढके हुए थे। उन्हें संदेह हो गया था। एक लुटेरे ने पिस्टल तानकर कैश मांगा तो दूसरे लुटेरे ने पास पड़ी गोलक से पैसे निकालकर व पेंट की जेब से भी पर्स निकाल लिया। कुल 85 हजार की राशि छीन ली गई। चारों लुटेरों के दो-दो गोलियां लगी, दो की हड्डि्यां भी फ्रेक्चर

मुठभेड़ में घायल हुए लुटेरों जगजीत सिंह उर्फ जग्गी (नौशहरा पन्नूआ), राजबीर सिंह उर्फ राजू सिक्की (गंडीविंड धत्तल), गुरजिंदर सिंह उर्फ गुरी (मानकपुरा), गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी (गांव जट्टा) को मंगलवार सिविल अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड से सर्जिकल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। चारों लुटेरों के पांवों में हथकड़ियां लगाई गई है। हर लुटेरे को दो-दो गोलियां लगी हैं जबकि दो की हड्डियां भी फ्रेक्चर हैं। उन पर नजर रखने के लिए करीब 12 पुलिस कर्मियों का पहरा लगाया गया है। इनमें एक सब इंस्पेक्टर, तीन एएसआइ भी शामिल है। चारों लुटेरों के खून के नमूने भी लिए गए है जबकि कोरोना टेस्ट लिए बाद दोपहर को सैंपल लिए गए। इनकी रिपोर्ट बुधवार को आने की संभावना है। कहां रखते थे लूट का पैसा, पुलिस लगाएगी पता

पुलिस की ओर से जिला तरनतारन, अमृतसर, लुधियाना, रोपड़, जालंधर में दर्ज 50 के करीब केसों का रिकार्ड जुटाया जा रहा है। एसपी (इन्वेस्टिगेशन) महिताब सिंह, एसपी (नारकोटिक्स) जगजीत सिंह वालिया, डीएसपी रमनदीप सिंह भुल्लर, कुलजिंदर सिंह, राजबीर सिंह, कमलजीत सिंह औलख के आधारित टीम पता लगा रही है कि भारी मात्रा में लूट की वारदात के दौरान जुटाई राशि कहां रखी जाती थी। यें लुटेरे वारदात के बाद कहां रहते थे। इनके गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं। यह सारा कुछ जानने के लिए आरोपितों और उनके स्वजनों के मोबाइल काल की डिटेल खंगाली जा रही है। गोपी को विदेश भेजना चाहते थे स्वजन, पर गलत संगत में पड़ा

मारे गए लुटेरे गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी भुल्लर का शव लेने पट्टी के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे उसके पिता अमरजीत सिंह, मां राजबीर कौर गहरे सदमें में थी। उन्होंने बताया कि वह अपने बेटे को पढ़ा-लिखाकर विदेश भेजना चाहते थे। परंतु गोपी भुल्लर गलत सोसायटी का कैसे शिकार हुआ, यह पता नहीं। अमरजीत ने बताया कि उसका छोटा लड़का 14 वर्ष की आयु में बीमारी के कारण मर गया था। अब उनका सहारा गुरप्रीत सिंह गोपी भुल्लर था, जो वह भी नहीं रहा।

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