जागरण संवाददाता, तरनतारन : थाना सदर की इमारत पर पोस्त की खेती का जिले के डीसी द्वारा उद्घाटन करने की सूचना संबंधी लगाया गया पोस्टर भले ही हटा दिया है, परंतु दूसरे दिन भी आरोपित के खिलाफ थाना देहाती की पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया है।

उच्च अधिकारियों के आदेश मुताबिक थाना सिटी की पुलिस पूरा दिन बयानों के इंतजार में रही, परंतु कोई भी अधिकारी एफआइआर दर्ज करवाने के लिए नहीं आया।

थाना सदर की इमारत पर गांव वां निवासी गुरमेल सिंह ने ऐसे पोस्टर लगाए गए थे, जिसमें 20 नवंबर को गौशाला के उद्घाटन के साथ पोस्त की खेती शुरू करने का प्रोग्राम बताया गया था। साथ ही इस कार्यक्रम का उद्घाटन जिले के डीसी द्वारा किए जाने का जिक्र भी था। वीरवार को थाना देहाती की पुलिस द्वारा पोस्टर हटा दिया गया था।

गौर हो कि थाना सदर के बाहर पोस्टर लगवाने के बारे में मुकदमा थाना सिटी में ही दर्ज होना है, चूंकि यह इलाका थाना सिटी के अधिकार क्षेत्र में आता है।

इस संबंध में थाना प्रभारी इंस्पेक्टर गुरचरन सिंह ने बताया कि थाना देहाती की ओर से एफआइआर दर्ज करवाने के बारे में न तो कोई अधिकारी बयान देने आया है ओर न ही लिखित तौर पर एफआइआर दर्ज करने के लिए कहा गया है। हालांकि इस बाबत थाना देहाती के प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने इस मामले बाबत कुछ भी कहने से मना कर दिया है। आरोपित की गिरफ्तारी भी यकीनी होगी : डीएसपी बल

डीएसपी सुच्चा सिंह बल ने कहा कि गुरमेल सिंह के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। थाना देहाती की पुलिस के साथ पूरा तालमेल है। थाना देहाती की ओर से बयान दर्ज करवाते ही एफआइआर दर्ज हो जाएगी। पोस्त की खेती कानूनी अपराध है। इस बाबत आरोपित की गिरफ्तारी भी यकीनी बनाई जाएगी। पोस्टर तैयार करने वाले खिलाफ भी होगी कार्रवाई : डीसी सभ्रवाल

डिप्टी कमिश्नर प्रदीप सभ्रवाल ने कहा कि पोस्त की खेती के संबंध में लगाया गया पोस्टर कहां से तैयार किया गया है, इसकी जांच भी यकीनी तौर पर होगी। गैर जिम्मेदारी से काम लेते हुए ऐसे पोस्टर तैयार करना भी अपराध के दायरे में आता है। लोगों को चाहिए कि वह शरारती तत्वों से चौकस रहें।

Posted By: Jagran

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