धर्मबीर सिंह मल्हार, तरनतारन: इसे राजनीति का खेल कहा जाए या फिर पुलिस प्रशासन की लापरवाही। बात तो प्रबंधकीय ढांचे पर सवाल पैदा करती है। पट्टी के वार्ड-17 के कांग्रेस पार्षद ने शिअद ज्वाइन की तो अगले ही दिन उनके विरुद्ध छोटी भाभी से दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज हो गया। परंतु 14वें दिन पार्षद ने दोबारा कांग्रेस पार्टी में वापसी कर ली। कांग्रेस पार्टी में पार्षद की वापसी बाबत पट्टी के विधायक हरमिदर सिंह गिल ने बकायदा पोस्ट भी डाली, जिसमें लिखा गया कि कुछ लोगों ने गुमराह करके कैरों परिवार से गले में सिरोपा डलवाया था, परंतु ये पार्षद कांग्रेस का पक्का सिपाही है। रंग रोगन का कारोबार करने वाले अश्विनी कुमार ने नगर कौंसिल पट्टी के चुनाव में वार्ड-17 से कांग्रेस पार्टी से टिकट लेकर निर्विरोध चुनाव जीता था। पूर्व मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों की तरफ से पट्टी हलके में सरगर्म सियासत शुरू करते हुए चार कांग्रेस पार्षदों को शिअद में शामिल किया था। इनमें पार्षद अश्विनी कुमार भी थे। कांग्रेस छोड़ शिअद में शामिल होने पर उनके विरुद्ध 24 सितंबर को थाना पट्टी में अपनी भाभी के साथ 12 मई 2020 से 24 सितंबर 2021 तक दुष्कर्म करने व विरोध करने पर घर से निकालने का केस दर्ज कर लिया गया, परंतु पार्षद अश्विनी पुलिस के हाथ नहीं आए। वीरवार को पट्टी के विधायक गिल ने पार्षद अश्विनी को दोबारा कांग्रेस में शामिल करते बकायदा उसके गले में सिरोपा डाला। केस दर्ज किया पर गिरफ्तारी नहीं की

सूत्रों की मानें तो सत्तारुढ़ पार्टी छोड़ शिअद में शामिल होते ही अश्विनी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला तो दर्ज कर लिया गया। परंतु पुलिस ने गिरफ्तारी नहीं की। इसी डर से अश्विनी अपने ससुराल घर गांव पिद्दी में रह रहा था, जिसे पुलिस ने ही ढूंढकर हलका विधायक के समक्ष पेश किया। इस बाबत पट्टी के विधायक हरमिदर सिंह गिल से संपर्क करने के लिए कई बार प्रयास किया, परंतु उन्होंने काल रिसीव नहीं की। पीड़िता के चाचा बोले, इंसाफ की उम्मीद नहीं

उधर, दुष्कर्म पीड़िता के चाचा का कहना है कि उन्होंने काफी समय पहले ही अश्विनी कुमार के विरुद्ध लिखित शिकायत दी थी, परंतु तब शिकायत को दरकिनार कर दिया। अश्विनी ने जब पार्टी बदली तो अगले ही दिन थाना पट्टी की पुलिस ने परिवार के साथ संपर्क करके बताया कि जांच हो चुकी है। आज एफआइआर होगी। उन्होंने कहा कि दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने आरोपित अश्विनी को जानबूझकर गिरफ्तार नहीं किया। ऐसे में उन्हें इंसाफ की कोई उम्मीद नहीं रही। पुलिस ने रेड की तो घर नहीं मिला आरोपित : डीएसपी

सब डिवीजन पट्टी के डीएसपी कुलजिदर सिंह कहते हैं कि अश्विनी कुमार के विरुद्ध लिखित शिकायत मिली थी। इसकी जांच के बाद ही पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपित भूमिगत हो गया। पुलिस ने घर में छापामारी भी की। डीएसपी ने कहा कि थाना पट्टी में दर्ज एफआइआर के मुताबिक अश्विनी पुलिस को वांछित है। उसे न तो पुलिस विभाग ने क्लीनचिट दी है और न ही किसी अदालत द्वारा उसे जमानत दी गई है।

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