जागरण संवाददाता, तरनतारन : देश के विभिन्न हिस्सों में आए दिन डाक्टरों के साथ मरीजों के परिजनों द्वारा मारपीट की जाती है। डाक्टर का फर्ज मरीज की जान बचाना होता है, परंतु मरीजों के परिजन डाक्टरों के खून से अपने हाथ रंग रहे हैं, जो बर्दाश्त नहीं होगा। ये कहना है इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) अध्यक्ष डा. हरिपाल धालीवाल और महासचिव डा. दिनेश गुप्ता का। सिविल सर्जन कार्यालय समक्ष काले बिल्ले लगाकर प्रदर्शन करते हुए डा. दिनेश गुप्ता ने कहा कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के ध्यान में आया है कि इलाज दौरान यदि किसी मरीज का जानी नुकसान होता है तो परिजन सारा गुस्सा डाक्टरों और क्लीनिकों पर निकालते हैं। हालांकि देश में ऐसा कोई भी डाक्टर नहीं, जो मरीज का इलाज करते समय लापरवाही बरते। डा. दिनेश गुप्ता ने कहा कि कोविड मुहिम से लोगों को बचाने के लिए डाक्टरों द्वारा फ्रंटलाइन पर कार्य करते हुए जान की परवाह नहीं की गई। हालांकि देश भर में डाक्टरों का जानी नुकसान भी हुआ है। प्रदर्शन के बाद देश के प्रधानमंत्री नरिदर मोदी के नाम पर डीसी कुलवंत सिंह धूरी को आइएमए की ओर से ज्ञापन सौंपते कहा कि अब डाक्टरों के साथ मारपीट को ओर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डाक्टरों की सुरक्षा हर हाल में सरकारें यकीनी बनाए। इस अवसर पर पैटर्न डा. कर्णजीत सिंह, एडवाइजर मनमोहन सिंह, एसएस कैंथ, उपाध्यक्ष करनैल कौर, ज्वाइंट सचिव जीएस धालीवाल, कोषाध्यक्ष वरुण गुप्ता के अलावा हरसिरमतप्रीत सिंह, रमनदीप सिंह, केएस चुघ, संतोख सिंह, मोनिका गुप्ता, जीएस औलख, परमप्रीत सिंह मौजूद थे।

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