जासं, तरनतारन : विधानसभा चुनाव 2017 के मुकाबले लोकसभा चुनाव में शहरी लोगों ने कम मतदान किया। कम मतदान के बावजूद तरनतारन से कांग्रेस पार्टी ने अपनी जीत दर्ज करवाई। शहर के कुल 23 वार्डो में से 13 वार्डो में शिअद को पछाड़ते हुए कांग्रेस ने जीत दर्ज करवाई।

तरनतारन शहर की कुल वोट 62 हजार के करीब है। नगर कौंसिल चुनाव के दौरान शिअद के 16 व भाजपा के 7 पार्षद चुनाव जीते थे। यहां पर कांग्रेस पार्टी के पास एक भी पार्षद नहीं था। 2017 के विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन होते ही शिअद और भाजपा के कई पार्षदों ने कांग्रेस का साथ देते हुए नगर कौंसिल अध्यक्ष भूपिंदर सिंह खेड़ा को प्रधानगी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। हालांकि बाद में बीबी सविंदर कौर रंधावा को नगर कौंसिल अध्यक्ष, सतपाल शर्मा को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, सुरिंदर सिंह मल्ली को उपाध्यक्ष बना दिया गया। लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस का बेड़ा पार लगाने में पार्षदों के साथ कई कांग्रेसी नेताओं का हाथ रहा। शहर में 30 हजार से कम वोट पोल हुई। तरनतारन शहर से कांग्रेस के जसबीर सिंह डिंपा को 10,870 वोट मिले। शिअद को यहां पर 9,892 मतों पर ही सबर करना पड़ा। पीडीए को 5,601 वोट मिले। जबकि आम आदमी पार्टी को 543 वोट मिले। यहां पर 259 लोगों ने नोटा का बटन दबाया। कांग्रेस की रही जीत की झंडी

वार्ड नंबर 1 से कांग्रेस को 319, 5 से 278, 7 से 319, 8 से 115, 11 से 18, वार्ड नंबर 12 से 245, 13 से 72 वोटों से कांग्रेस को जीत मिली। वार्ड नंबर 14 से 38, 16 से 168, 17 से 72, 21 से 240, 22 से 220, 23 से 144 मतों से कांग्रेस को जीत मिली। शिअद को भी मिली जीत

वार्ड नंबर 2 से 20, 3 से 184, 4 से 162, 6 से 68, 9 से 43, 10 से 80, 15 से 139, 18 से 222, 19 से 177, 20 से 169 मतों से शिअद को जीत मिली। ओर मेहनत की जरूरत : अग्निहोत्री

कांग्रेसी नेता संदीप अग्निहोत्री ने कहा कि लोकसभा चुनाव में कम पोलिंग हुई। पूरे शहर से कांग्रेस पार्टी ने अपनी जीत दर्ज करवाई है। जिन वार्डो में कांग्रेस को जीत नहीं मिल पाई वहां पर पार्टी को मजबूत करने के लिए अभी से प्रयास किया जाएगा।

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Posted By: Jagran