धर्मबीर सिंह मल्हार, तरनतारन

पंजाब विधानसभा चुनाव लिए लालजीत सिंह भुल्लर को जब आम आदमी पार्टी की ओर से विधानसभा हलका पट्टी से टिकट मिली थी तो उन्होंने अपना चुनावी प्रचार गांव दुबली से शुरू किया था। 22 एकड़ में बनी गोशाला की खस्ता हालत देखकर भुल्लर ने कहा था कि समय की सरकारों ने गोधन की कदर नहीं की, परंतु मंत्री बनने से पांच माह बाद भी लालजीत सिंह भुल्लर अभी तक गांव दुबली की गोशाला की सुध लेने नहीं पहुंचे।

जी हां, विधानसभा हलका पट्टी के गांव दुबली में शिअद-भाजपा की सरकार के समय 22 एकड़ पंचायती जमीन पर गोशाला का निर्माण करवाया गया था। निर्माण के बाद गोशाला को सरकारी तौर पर मदद मिलती रही, परंतु कोरोना काल में गोशाला की किसी ने सुध नहीं ली। इस गोशाला में 400 के करीब गाय हैं। बाबा संत खालसा सेवा सोसायटी के अध्यक्ष डा. गुरजीत सिंह, जसबीर सिंह, रंदीप सिंह गिल ने बताया कि उक्त गोशाला इलाके के दानी सज्जनों के सहयोग से चल रही है। उन्होंने बताया कि गोशाला में न तो कभी जिला प्रशासन द्वारा चारा भेजा गया और न ही गोधन की सेहत को मुख्य रखते हुए दवाइयां आदि मुहैया करवाई गई है। वेटनरी विभाग की टीम माह में एक दिन चक्कर लगा जाती है, परंतु जब से गोधन को लंपी स्किन रोग ने जकड़ा है, उस समय से लेकर अब तक न तो कोई प्रशासनिक अधिकारी गोशाला की सुध लेने आया और न ही कोई वेटनरी डाक्टरों की टीम।

जसबीर सिंह दुबली, रंदीप सिंह और जोरावर सिंह ने बताया कि बारिश के दिनों में गोशाला में कीचड़ जमा हो जाता है। दानी सज्जण केवल चारा ही मुहैया करवा पाते है। लंपी स्किन से बचाव के लिए राज्य सरकार द्वारा भले ही हैदराबाद से डोज मंगवाकर वितरण करने के दावे किए जाते है, परंतु अभी तक गोशाला में कोई सरकारी टीम नहीं पहुंची।

विभाग से मांगी गई है रिपोर्ट : डीसी

डिप्टी कमिश्नर मोनीश कुमार ने बताया कि जिले भर में 50 हजार से अधिक गोधन को गोड पोक्स की दवा निश्शुल्क मुहैया करवाई जा चुकी है। गांव दुबली की गोशाला में वेटनरी विभाग की टीम क्यों नहीं पहुंची, इस बाबत संबंधित विभाग के डिप्टी डायरेक्टर से जवाबतलबी की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में 25 वेटनरी डाक्टर व 47 वेटनरी इंस्पेक्टरों के आधारित टीमों की ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

समय-समय पर ली जाती है खबर : मंत्री भुल्लर

पशु पालन व डेयरी विकास मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर कहते हैं कि गांव दुबली की गोशाला बाबत किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही। समय की कमी कारण मैं भले ही गोशाला नहीं पहुंच सका, परंतु समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जाते है। गोशाला की जरूरतों को मुख्य रखते हुए अधिकारियों की टीम को वहां जाने के निर्देश दिए गए है। गोशाला के मामले में लापरवाही करने वाले अमले विरुद्ध कार्रवाई होगी।

Edited By: Jagran