धर्मबीर सिंह मल्हार, तरनतारन

पुलिस की ओर से मुठभेड़ के दौरान काबू किए गए चारों लुटेरे छठी से दसवीं कक्षा तक पढ़े हैं। वहीं मारा गया लुटेरा आठवीं पास था। इन पांचों के विरुद्ध लूटपाट, जानलेवा हमला करने के तरनतारन व अमृतसर में 50 के करीब मामले दर्ज हैं। पकड़े गए जगजीत सिंह उर्फ जग्गी निवासी गांव नौशहरा पन्नूआ, राजबीर सिंह उर्फ राजू उर्फ सिक्की निवासी गांव गंडीविंड, गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निवासी गांव जट्टा, गुरजिंदर सिंह निवासी माणकपुरा को पुलिस ने 35 मिनट की मुठभेड़ के बाद घायल हालत में काबू किया जबकि गांव जट्टा निवासी गुरप्रीत सिंह गोपी भुल्लर मारा गया। इन पांचों के विरुद्ध लूटपाट, जानलेवा हमला करने के तरनतारन व अमृतसर में 50 के करीब मामले दर्ज हैं। हालांकि पुलिस दर्ज मामलों का रिकार्ड खंगालने का दावा कर रही है। रविवार से सुबह सोमवार तक लूट की सात वारदात करने वाले पांच सदस्यीय इस गिरोह ने पुलिस की नाक में दम कर रखा था। पुलिस ने पीछा करते हुए इनको दबोच लिया। गांव वाले बोले, मारे गए लुटेरे गोपी भुल्लर से दहशत में रहते थे लोग

मुठभेड़ में मारे गए लुटेरे गांव जट्टा निवासी गुरप्रीत सिंह गोपी भुल्लर के पिता अमरजीत सिंह पैलेस में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं। मां राजबीर कौर गृहिणी है। गुरप्रीत के एक भाई की पहले मौत हो चुकी है। गुरप्रीत तीन वर्ष पहले नशे का आदी होकर चोरी व लूटपाट की वारदात को अंजाम देने लगा था। ग्रामीण सेवा सिंह, जसबीर सिंह और दिलबाग सिंह कहते है कि गोपी लुटेरा बनकर अपने गांव वापस नहीं लौटा बल्कि उसकी दहशत से कई गांवों के लोग डरे रहते थे। तीन पिस्टल, कारतूस, 80 हजार नकदी और नशा मिला

पुलिस के मुताबिक, राह जाते लोगों को हथियारों के बल पर लूटना और गाड़ियां छीनना इनका बाएं हाथ का खेल था। एसएसपी ध्रुमन एच निंबाले ने बताया कि इन आरोपितों से .32 बोर के तीन पिस्टल, चार कारतूस, 80 हजार 562 रुपये, दो हजार नशीली गोलियां, एक अफीम वाला प्लास्टिक का लिफाफा, एक पुड़िया स्मैक बरामद की गई है। जिले के इलाकों से वाकिफ थे इसलिए आसानी से करते थे वारदात

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि थाना सदर तरनतारन, थाना सिटी, थाना सरहाली, थाना कच्चा-पक्का, भिखीविंड के क्षेत्र से अच्छी तरह से आरोपित वाकिफ थे। दिन के समय में लूटपाट की वारदात को इन्हीं क्षेत्रों में अंजाम देते थे। जिले में लूटपाट के उनके खिलाफ 30 केस दर्ज हैं जबकि जालंधर, रोपड़, लुधियाना जैसे बड़े शहरों में भी यह गिरोह बीस से अधिक वारदात को अंजाम दे चुका है। दावा : नशे से या दौड़ते समय हार्टअटैक आने से मौत का दावा

एसएसपी ध्रुमन एच निंबाले ने बताया कि मरने वाले लुटेरे गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी भुल्लर के शव का मंगलवार को सिविल अस्पताल पट्टी से पोस्टमार्टम होगा। उन्होंने दावा किया कि इस लुटेरे की मौत गोली लगने से नहीं बल्कि नशे से या भागते समय हार्टअटैक से हुई है। हालांकि अभी यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट होगा। आरोपितों को तरनतारन में भर्ती करवा लगाया पुलिस का पहरा

थाना पट्टी के प्रभारी लखबीर सिंह के ड्राइवर सरबजीत सिंह (पंजाब होमगार्ड जवान) निवासी चोहला साहिब को दो गोलियां लगी हैं। उन्हें पट्टी के अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद अमनदीप अस्पताल, अमृतसर रेफर कर दिया गया है। एसएसपी निंबाले शाम को उसका हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे जबकि घायल सिपाही विक्रमजीत सिंह को स्थानीय अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। इसी प्रकार बाकी चारों घायल लुटेरों को शाम को पट्टी अस्पताल से सिविल अस्पताल तरनतारन रेफर कर दिया है। वहां पर पुलिस को तैनात कर दिया गया है। ये हैं आपरेशन हीरो : सम्मानित करने के लिए डीजीपी को लिखा

एसएसपी ध्रुमन एच निंबाले ने बताया कि इस सारे आपरेशन में एसपी (इन्वेस्टिगेशन) महताब सिंह, एसपी (नारकोटिक्स) जगजीत सिंह वालिया, डीएसपी रमनदीप सिंह भुल्लर, कुलजिंदर सिंह, राजबीर सिंह, दिलबाग सिंह, कमलजीत सिंह औलख, पट्टी थाने के प्रभारी लखबीर सिंह, वल्टोहा थाना प्रभारी बलविंदर सिंह, थाना सदर पट्टी के प्रभारी हरिदर सिंह, थाना सरहाली के प्रभारी हरिदर सिंह, थाना सिटी के प्रभारी गुरचरण सिंह, थाना सदर के प्रभारी इंस्पेक्टर प्रभजीत सिंह गिल सहित पुलिस के 56 जवानों ने भाग लिया है। एसएसपी ने बताया कि इस मामले में पुलिस कर्मियों को विभाग द्वारा सम्मानित करने लिए डीजीपी (पंजाब) को लिखा जाएगा।

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