दविंदर सहोता, खेमकरण: 1965 की जंग में पाकिस्तानी फौज को धूल चटाने वाले भारतीय फौज के नायक हवलदार वीर अब्दुल हमीद की बरसी उसी जगह मनाई गई यहां पर पाक के पैटन टैंक को नष्ट करके जंग जीती गई थी।

विधान सभा हलका खेमकरन के गांव आसल उताड़ में शहीद वीर अब्दुल हमीद की समाधि पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने चादर चढ़ाई। शहीद को श्रद्धांजलि देने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष व सांसद सुनील जाखड़ ने कहा कि ऐसे सूरमाओं की बहादूरी के कारण आज हम गुरु नगरी अमृतसर को देश का केंद्र मान रहे है। वीर अब्दुल हमीद की कुर्बानी को सदा याद रखा जाएगा। उन्होंने युवा पीढ़ी को वीर अब्दुल हमीद से प्रेरणा लेने व सेना में भर्ती होकर देश सेवा के लिए प्रेरित किया। इस मौके खेमकरन के विधायक सुखपाल सिंह भुल्लर, डिप्टी कमिश्नर प्रदीप कुमार सभ्रवाल, मेजर जनर्ल जेएस संधू, ब्रिगेडियर एसके नैयर, राजेश पानीकर, कर्नल संदीप शर्मा, बीएसएफ के कमांडर राकेश राजधान, एसडीएम अनुप्रीत कौर, एसपी एच गुरनाम सिंह, पूर्व मंत्री गुरचेत सिंह भुल्लर ने कहा कि परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद ने 1965 की जंग में पाकिस्तान की फौज के पैटन टैंक उड़ाकर हादत का जाम पीया था। हमें ऐसे महान शहीदों की कुर्बानियों पर शीश झुकाना चाहिए।

डीसी प्रदीप सभ्रवाल ने बताया कि वीर अब्दुल हमीद का जन्म 1 जुलाई 1933 को उत्तर प्रदेश गाजीपुर जिले के गांव धामूपुर में हुआ। 27 दिसंबर 1954 को अब्दुल हमीद फौज में भर्ती हुए। पाकिस्तान के साथ 1965 की जंग में उन्होंने दुश्मनों के 170 टन वजनी 7 अमेरिकी पैटन टैंक उड़ा दिए। इस दौरान गांव में सेना द्वारा मेडिकल कैंप लगाया गया। इस मौके पर हरभजन सिंह संधू, डॉ. ताज वल्टोहा, गुरबिंदर सिंह जम्मू भी मौजूद थे।

Posted By: Jagran