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क्या खनौरी बॉर्डर पर लगेगा पक्का मोर्चा? जगजीत डल्लेवाल का आया रिएक्शन, किसानों के लिए दिल्ली कितनी दूर?

Published: Mon, 17 Aug 2026 05:05 PM (IST)

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने खनौरी बॉर्डर पर पक्का मोर्चा लगाने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि किसान ...और पढ़ें

किसान नेताओं से बातचीत जारी। फोटो जागरण

किसान नेताओं से बातचीत जारी। फोटो जागरण

HighLights

  1. जगजीत डल्लेवाल ने खनौरी पर पक्का मोर्चा न लगाने की बात कही।

  2. किसान पैदल दिल्ली जंतर-मंतर तक जाने की अनुमति मांग रहे हैं।

  3. एमएसपी, कर्जमाफी सहित पुरानी मांगों पर अड़े हैं किसान।

जागरण संवाददाता, खनौरी (संगरूर)। खनौरी बॉर्डर पर दूसरे दिन भी किसानों का मोर्चा जारी है। सोमवार को संगरूर-पटियाला के सिविल व पुलिस प्रशासन द्वारा जगजीत सिंह डल्लेवाल व अन्य किासन नेताओं से बैठक की।

बैठक के उपरांत जगजीत सिंह डल्लेवाल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि खनौरी बार्डर पर पक्का मोर्चा लगाने का उनका कोई विचार नहीं है।

किसान पैदल ही दिल्ली जंतर-मंत्र पर जाना चाहते हैं। जत्थे में 51 किसान पदयात्री व उनके साथ कुछ सहयोगी किसान ही आगे जाना चाहते हैं, लेकिन हरियाणा प्रशासन ने खनौरी बार्डर सील करके उन्हें यहां रोक लिया है, जिसके चलते वह यहां बैठे हैं। अगर अब रास्ता खुल जाए व हरियाणा प्रशासन उन्हें पैदल आगे जाने की अनुमति दे देता है तो अभी जत्था यहां से रवाना हो जाएगा।

क्या है किसानों की मांगें?

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से प्रशासनिक अधिकारी उनके पास मुलाकात के लिए पहुंचे व उन्होंने किसान संगठनों से उनकी मांग संबंधी पर बातचीत की, जिस पर डल्लेवाल ने स्पष्ट किया कि किसान आंदोलन 2.0 से संबंधित सभी फसलों पर एमएसपी तय करने, स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने, कर्जामाफी सहित नौ पुरानी मांगें व अब अमेरिका-भारत ट्रेड डील रद करवाने की मांग प्रमुख है।

अभी बैठकों का दौर जारी

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन व सरकार मिलकर हरियाणा प्रशासन से बातचीत करके रास्ता खुलवाएं। केंद्रीय कृषि मंत्री से बैठक तय करवाएं, ताकि किसान 2.0 दौरान जहां से उक्त मांगों संबंधी विचारचर्चा बंद हुई थी, वहीं से दोबारा आरंभ की जा सके। उन्होंने कहा कि अभी बैठकों का दौर जारी है व बैठकों में सभी साथियों की सहमति से अगली रणनीति तय की जाएगी।

उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रशासन के कहने पर 51 किसानों के जत्थों में सदस्यों की संख्या कम करके 41 करने को भी तैयार हैं, इसलिए हरियाणा प्रशासन उन्हें आगे जाने की अनुमति जल्द प्रदान करे।