संवाद सूत्र, मालेरकोटला :

विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू रविवार को मालेरकोटला पहुंचे। अनाज मंडी में हुई रैली दौरान जैसे ही सिद्धू ने संबोधन शुरू किया तो पंडाल में बैठे बेरोजगार अध्यापकों ने पंजाब सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाने आरंभ कर दिए। नारेबाजी सुनकर पंडाल में तैनात पुलिस मुलाजिमों में भी अफरातफरी का माहौल बन गया व नारे लगा रहे बेरोजगारों का मुंह बंद करके पंडाल से बाहर लेजाने का प्रयास किया। इस दौरान पीपीसीसी प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने अपना भाषण जारी रखा व पुलिस मुलाजिमों से बेरोजगारों को पीटने व घसीटने से रोका।

सिद्धू ने कहा कि उन्हें यह रोष व विरोध मंजूर हैं, क्योंकि कैप्टन अमरिदर सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान किए वादे पूरे नहीं किए, जिस कारण इन नौजवानों में रोष है। अगर उन्होंने नौजवानों से किए वादे पूरे किए होते तो आज इस रोष का सामना न करना पड़ा। बेरोजगार नौजवान, पेंशनर्स, टीचर्स, डाक्टर हर कोई विरोध कर रहा है, जिसके लिए कैप्टन अमरिदर सिंह जिम्मेदार हैं।

बेरोजगार बीएड टीईटी पास अध्यापकों द्वारा यूनियन नेता संदीप गिल, अमन सेखा व गुरप्रीत सिंह के नेतृत्व में नवजोत सिंह सिद्धू व पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिन्हें पुलिस ने सिद्धू के आने से पहले ही पंडाल से गिरफ्तार कर लिया, लेकिन कुछ सदस्य मौजूद रहे। जैसे ही नवजोत सिद्धू के संबोधन दौरान अचानक थोड़ी देर के लिए माइक बंद हुआ तो पंडाल में मौजूद जगतार सिंह टोडर, सुखदेव नंगल, इकबाल नियामतपुर सहित एक दर्जन बेरोजगार अध्यापकों ने मुर्दाबाद के नारे लगाए, जिससे सिद्धू का भाषण बीच में रूक गया। उधर गिरफ्तार किए बेरोजगारों को रिहा करवाने के लिए राज्य प्रधान सुखविदर सिंह ढिलवां के नेतृत्व में स्थानीय थाना सिटी वन समक्ष नारेबाजी की गई। बेरोजगारों ने मांग की कि समाजिक शिक्षा, हिदी व पंजाबी की कम से कम नौ हजार पदों का विज्ञापन जारी किया जाए। इस मौके गुरदीप नंगल, जसवीर गुरदितपुरा, मनमिदर हरीगढ़, समनदीप गुआरा, जगसीर झलूर, हरदीप कौर, राजवीर कौर आदि मौजूद थे।

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