जागरण संवाददाता, संगरूर

मौसम का मिजाज शुक्रवार को दोपहर को एक दम से बदल गया। तेज धूलभरी आधी चलने की वजह से लोगों को सड़कों पर भारी परेशानियों का सामना करना पडा, वहीं अनाज मंडियों में किसानों को भी अपनी फसल की चिता सताने लगी है, क्योंकि अनाज मंडियों में फसलें बोली के इंतजार में पड़ी हैं। वहीं जिले में दो लाख 44 हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूं लिफ्टिग सुस्त होने के कारण अटका हुआ है। पिछले कुछ दिन से गेहूं की आमद में भी तेजी आई है, जिस कारण मंडियों में गेहूं के अंबार लगे हुए हैं। आंधी के कारण खेतों में फसल भी प्रभावित हो रही है। किसान सुखदेव सिंह, फकीर मोहम्मद ने कहा कि मंडियों में वह अपनी फसल लेकर बैठें, जिनकी बोली नहीं हुई है। बरसात के डर से पहले कटाई करके मंडी में पहुंचे थे, ताकि समय से फसल बेचकर फारिग हो जाएंगे, लेकिन खरीद न होने के कारण अब डर है कि यहीं बरसात से फसल खराब न हो जाए। फसल को ढकने के लिए निरपाल तो हैं, लेकिन बरसात व आंधी से फसल को बचाना मुश्किल है।

शुक्रवार दोपहर को चली हवा के कारण बिजली सप्लाई भी दो घंटे तक बंद रही, जिस कारण शहर निवासियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। क्योंकि अभी तक मंडियों में बहुत कम अनाज पहुंचा है, अधिकतर या तो खेत में है या फसल काटी ही नहीं गई है। इससे यदि बारिश होती है तो फसल को अधिक हानि होगी, क्योंकि अब फसल पूरी तरह से पकी है, बारिश होने पर कटाई का काम बुरी तरह से प्रभावित हो जाएगा।

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