जेएनएन, लहरागागा (संगरूर)

शिरोमणि अकाली दल के सिद्धांतों की लड़ाई के नाम पर बगावत कर चुके पिता राज्यसभा सदस्य सुखदेव सिंह ढींडसा बाबत परमिदर सिंह ढींडसा ने पत्रकारों से बातचीत दौरान कहा कि वह निजी लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं। इसलिए सुखबीर सिंह बादल से समझौता करने का सवाल किसी भी कीमत पर पैदा नहीं होता है। वह सभी पार्टियों के नेताओं को साथ मे लेकर सिद्धांतों की लड़ाई जारी रखेंगे। शिरोमणि अकाली दल का पंच प्रधानी सिद्धांतों का था, जिससे अकाली दल भटक गया है। लोगों से समर्थन की मांग करते परमिदर सिंह ढींडसा ने कहा कि लहरागागा से शुरू हुआ उक्त मिशन पूरे पंजाब में लोक लहर का रूप धारण करेगा। वह सरना भाईयों व अन्य टकसालियों द्वारा 18 जनवरी को दिल्ली में रखी गई रैली में जरूर शामिल होंगे।

उन्होंने श्री दरबार साहिब अमृतसर साहिब से गुरुबाणी के प्रसारण व हुक्मनामे पर बादलों के एकाधिकार की कड़े शब्दों में निदा करते कहा कि एसजीपीसी को यह सब अपने अधिकार क्षेत्र में लेना चाहिए। नई पार्टी बनाने या किसी अन्य पार्टी में जाने संबंधी कहा कि उक्त फैसला सभी नेताओं से बैठक कर सर्वसम्मति से किया जाएगा।

प्रो. चंदूमाजरा के स्पष्टीकरण ने साबित कर दिया है कि अकाली दल में लोकतंत्र नहीं, बल्कि परिवारवाद का दबदबा ज्यादा है। ढींडसा परिवार के कांग्रेस से मिलीभगत होने के आरोप से इंकार करते हुए कहा कि बरगाड़ी बेअदबी कांड पर अभी तक कोई कार्रवाई न होना साबित करता है कि मुख्यमंत्री अमरिदर सिंह व बादल परिवार आपस में मिले हुए हैं, लेकिन सुखदेव सिंह ढींडसा की सोच पंजाब को विकास के रास्ते पर लेकर जाने की है। ढींडसा परिवार अपने मिशन से पीछे नहीं हटेगा।

Posted By: Jagran

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