जागरण संवाददाता, संगरूर

विश्व तंबाकू दिवस पर सहारा फाउंडेशन द्वारा सिगरेट जलाकर रोष व्यक्त किया गया। फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि दुनिया में करोड़ों लोग सिगरेट व तंबाकू का सेवन कर रहे हैं। पिछले 30 वर्षों में 15 करोड़ लोग इस नशे की दलदल में धंस चुके हैं। यह बेहद चिता का विषय है कि चीन के बाद भारत दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है।

सहारा फाउंडेशन ने स्थानीय लेबर चौक में विश्व तंबाकू विरोधी दिवस मनाते हुए कागज की सिगरेट जलाकर रोष जताया। सहारा के मेडिकल विग के डायरेक्टर डा. दिनेश ग्रोवर, चेयरमैन सरबजीत सिंह सेखी ने कहा कि तंबाकू का सेवन हर किसी के लिए जानलेवा है। इससे कैंसर होता है, वहीं सिगरेटनोशी न करने वाले व्यक्ति को भी तंबाकू का धुआं काफी नुकसान पहुंचाता है। कोआर्डिनेटर सुरिदरपाल सिंह सिद्दकी ने नशा विरोधी नारे लगाते हुए कहा कि गुटखा के रूप में तंबाकू एक मीठा जहर है, जो शरीर के भीतर जाने से मुंह, दांत, फेफड़े व गले का कैंसर पैदा करता है। आज कोरोना महामारी कमजोर फेफड़ों पर अधिक असर करती है व मरीज की मौत भी हो जाती है। अशोक कुमार ने कहा कि परिवार का एक सदस्य भी अगर नशा करता है तो इसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है,जिसका नुकसान पूरा परिवार भुगतता है। इस मौके पर वरिदरजीत बजाज, अभिनंदन चौहान, महेंद्र कुमार ने भी तंबाकू के कुप्रभावों से लोगों को सुचेत किया। लेबर चौक में मौजूद मजदूरों ने नशे का सेवन न करने का प्रण लिया।

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