सुखदेव सिंह, संगरूर : दिल की चाहत थी कि यूपीएससी परीक्षा पास करनी ही है तो लगातार मेहनत में जुटा रहा। बेशक पहली दो बार कुछ खास सफलता हाथ नहीं लगी, लेकिन कड़ी मेहनत ने इस बार 104वां रैकं हासिल करने में सफलता दिलाई। संगरूर के आदित्य बांसल ने कहा कि वह आइपीएस अफसर के तौर पर सेवा निभाने का लक्ष्य निर्धारित करके चले हैं। आज उसकी मेहनत रंग लाई। आदित्य बांसल ने कहा कि जिदगी में कोई भी काम मुश्किल नहीं होता, बस उस काम को करने के लिए मन में कर गुजरने का जज्बा होना चाहिए। वह बचपन में जब पुलिस अधिकारियों को देखते तो उनके मन में भी पुलिस अफसर बनने का लालसा पैदा होती थी। बस उन दिनों में ही पुलिस अफसर बनने की इच्छा घर कर गई थी। वह 2017 में इस टेस्ट की तैयारी करने में जुटे थे। तैयारी के दिनों में वह 8 से 10 घंटे तक पढ़ाई करते रहे हैं। इंटरव्यू 25 से 30 मिनट तक चली इंटरव्यू में उनसे तकरीबन बीस सवाल पूछे गए, जिनका उन्होंने पूरी एकाग्रता से जवाब दिए। वह जल्द ही पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों की सेवा के लिए कदम आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने बताया कि मां डॉ. प्रतिभा बांसल, पिता डॉ. रविदर बांसल का बहुत बड़ा योगदान रहा है। उसे अध्यापक शुबरना रंजन भी काफी प्रेरित करती थीं।

राजनीतिक शास्त्र से बीए ऑनर की डिग्री करने वाले आदित्य बांसल ने बताया कि उन्होंने स्थानीय जीजीएस स्कूल से आठवीं व चंडीगढ़ के स्कूल से दसवीं की शिक्षा हासिल की। दिल्ली के स्कूल में मेडिकल से बाहरवीं तक की शिक्षा हासिल की। इसके बाद उनका मन बदल गया व उन्होंने राजनीतिक शास्त्र से बीए की। टेस्ट पास करने के लिए उन्होंने दिल्ली के इंस्टीट्यूट से कोचिग भी ली।

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