जागरण संवाददाता, संगरूर

शहीद ऊधम सिंह की यादगार का निर्माण एक बार फिर थम-सा गया है। बेशक यादगार का निर्माण जुलाई 2020 तक संपन्न होना था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण विकास कार्यों पर लगी ब्रेक की भेंट यादगार का निर्माण भी चढ़ गया। अन्य विकास कार्य भले ही दोबारा चालू हो गए हैं, लेकिन शहीद ऊधम सिंह का यादगार का निर्माण अब फंड जारी न होने के कारण अटक गया है। चारदीवारी का निर्माण हो गया है, लेकिन ठेकेदार को अभी तक हुए निर्माण की अदायगी नहीं हो पाई है। करीब 35 लाख रुपये के बिल बकाया हैं, जिस कारण काम रुक गया है। अदायगी होने के बाद ही काम चालू होने की उम्मीद है। लिहाजा छह माह का अतिरिक्त समय गुजर जाने के बाद भी निर्माण अधूरा है।

उल्लेखनीय है कि शहीद ऊधम सिंह की यादगार का निर्माण आठ वर्ष बाद आरंभ हुआ है। दो बार यादगार के निर्माण के लिए अकाली-भाजपा सरकार व कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान नींव पत्थर रखा गया। 31 जुलाई 2019 दौरान कैबिनेट मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने यादगार की पहली ईंट लगाकर निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी थी। एक वर्ष के भीतर यानि अगले बलिदान दिवस तक यादगार का निर्माण संपन्न होने का भरोसा दिलाया था, लेकिन वर्ष 2020 गुजर जाने के बाद भी यादगार का निर्माण अधर में है। दो करोड़ 64 लाख रुपये की लागत से शहीद की यादगार का निर्माण होना है। यादगार की चारदीवारी का निर्माण हो चुका है, जबकि अभी ओपन एयर थियेटर, अजायबघर व शहीद का बुत लगने का काम बाकी है।

वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सुनाम में शहीद ऊधम सिंह के शहीदी दिवस पर शहीद की यादगार स्थापित करने का एलान किया था। वर्ष 2016 के दौरान केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने शहीद की यादगार का नींव पत्थर रखा व जल्द ही यादगार निर्माण शुरू करवाने की खातिर एक करोड़ राशि देने का एलान किया, लेकिन इसके बाद भी निर्माण कार्य आरंभ नहीं हुआ। सत्ता परिवर्तन के बाद शहीद की यादगार का निर्माण बाबत मुद्दा फिर से भड़का, जिसके बाद कैप्टन अमरिदर सिंह ने एक करोड़ का फंड देने का भरोसा दिलाया। 31 जुलाई 2019 को भड़के विवाद के बाद आनन-फानन में सरकार ने जहां यादगार का निर्माण आरंभ करवाया, वहीं एक वर्ष में यादगार बनकर तैयार की जानी थी, लेकिन समय-समय पर फंडों की कमी के कारण निर्माण लटकता रहा।

------------- 35 लाख के बिलों का भुगतान बाकी, सोमवार से शुरू करेंगे काम

यादगार का निर्माण कर रहे ठेकेदार बलविदर सिंह ने बताया कि करीब एक करोड़ 35 लाख रुपये की लागत का काम कर लिया गया है। चारदीवारी का काम भी संपन्न है। एक करोड़ की उन्हें पेमेंट मिल गई है, जबकि 35 लाख के बिलों का भुगतान नहीं हुआ है, जिस कारण काम रुक गया है। करीब एक करोड़ का और फंड आ गया है, जिसकी उन्हें जानकारी मिली है। सोमवार तक बकाया बिलों की पेमेंट मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद वह आगे काम शुरू कर देंगे। अगले समय में काम जल्द से जल्द निपटाया जाएगा। ----------------

फंडों की नहीं कोई कमी, जल्द तैयार होगी यादगार

हलका इंचार्ज दमन बाजवा का कहना है कि यादगार के लिए कांग्रेस सरकार व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिंह ने फडों की कभी कोई कमी नहीं आने दी। यादगार का निर्माण कार्य लगातार जारी है, जिसके चलते जल्द ही यादगार का निर्माण संपन्न कर लिया जाएगा। बलिदान दिवस पर शहीद की यादगार लोगों के सुपुर्द कर दी जाएगी।

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