संवाद सहयोगी तपा, बरनाला :

ढिलवां रोड़ पर स्थित एक शैलर मालिक द्वारा सोमा वेयर हाऊस के गोदाम में चावलों की गाड़ी डंप करते समय 250 बैग रिजेक्ट माल डाल कर सरकार के साथ ठगी की गई। जब ठगी की बात जंगल में आग की तरह फैल गई, अपने विभाग को बचाने के लिए अधिकारी द्वारा शैलर द्वारा किए घोटाले को बेनकाब करते हुए मिलीभुगत करते शैलर मालिक द्वारा अधिकारी के साथ मिल कर उन्होंने इसको बदल दिया। गौर हो कि एक गाड़ी में 540 बैग पड़ते हैं, इसको सरकार की हिदायत अनुसार डंप किया जाता है, रिजेक्ट चावलों की कीमत 800 से 900 रुपए प्रति ¨क्वटल है जब कि अच्छी क्वालिटी के चावलों की कीमत 1800 रुपये प्रति ¨क्वटल है। इस तरह शैलर मालिकों द्वारा सरकार के साथ ठगी की। इस संबंध में जब पत्रकारों द्वारा एफसीआई तपा के दफ्तर में सीनियर अधिकारी एएम से

बातचीत की, तो उन्होंने सिर्फ 5-7 बैग रिजेक्ट के माल की मान ली, परन्तु शैलर मालिक पर कार्रवाई पर कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया।

इस संबंधी जब जिले के डीएम से बातचीत की, तो उनसे माल लगाने की जानकारी मांगने लगे, कितनी हैरानी की बात है कि डीएम साहब अपने अफसरों से पूछने की बजाय उनसे जानकारी मांग रहे थे, जबकि उनको इस घटना बारे पहले ही जानकारी थी।

Posted By: Jagran