जेएनएन, संगरूर। राज्यसभा सदस्य सुखदेव ढींडसा के गढ़ में शिअद की कांग्रेस सरकार के खिलाफ रखी गई पोल खोल रैली में ढींडसा परिवार का मुद्दा ही  हावी रहा। शिअद प्रधान सुखबीर बादल ने 25 मिनट के भाषण की शुरुआत ही सुखदेव ढींडसा व परमिंदर ढींडसा से की। रैली में भीड़ जमा नहीं होने के सुखदेव ढींडसा के दावे पर सुखबीर ने कहा,' ढींडसा सामने बैठा हुजूम देख लें। संगरूर-बरनाला जिले के इस हुजूम ने संगरूर को ढींडसा के चंगुल से आज आजाद कर दिया।' उन्होंने ढींडसा पिता-पुत्र को पार्टी से निकालने का सीधा एलान तो नहीं किया लेकिन उनके सियासी करियर का भोग डाल दिया। कहा-यह रैली ही ढींडसा पिता-पुत्र की अंतिम अरदास है।

लोकसभा चुनावों के बाद जनसभाओं से दूरी बनाकर रखने वाले पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी रैली में पहुंचे। सुखदेव ढींडसा को दोस्त करार देते हुए कहा कि वे उनसे जान भी मांगते तो वह देने को तैयार थे लेकिन पार्टी से गद्दारी उचित नहीं। कहा, 'बेगानों के हाथों से अपने सिर पर ताज सजवाने वालों के धड़ पर शीश नहीं बचते। इतिहास इसका हमेशा गवाह रहा है। ढींडसा के साथ हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर कदम बढ़ाएं। सुखबीर ने हमेशा सुखदेव व रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। हमेशा उनकी हर जुबान पर फूल चढ़ाए, इससे बढ़कर उन्हें और क्या दे सकते थे।'

आरोप लगाया कि ढींडसा विरोधियों के इशारे पर ही शिअद पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि उनके कहने पर हमेशा टिकटों के वितरण से लेकर पद वितरित किए जाते रहे। पूर्व सीएम बादल ने कहा कि राजनीतिक सलाह तो दूर वह तो अपनी पुत्री के विवाह करने से लेकर हर प्रकार के पारिवारिक मसले तक सुखदेव से विमर्श करके सुलझाते थे। आज सुखदेव पता नहीं क्योंं इस राह पर चल रहे हैं।

रैली की खास बातें

  • लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार किसी रैली में पहुंचे प्रकाश सिंह बादल, कहा-भीड़ देख मेरी उम्र दस साल और बढ़ गई
  • सुखबीर ने भाषण की शुरुआत ही ढींडसा परिवार के खिलाफ की, ढींडसा पिता-पुत्र का डाला सियासी भोग
  • 25 मिनट के भाषण में कांग्रेस पर कम, ढींडसा पिता-पुत्र पर ज्यादा बोले सांसद व शिअद अध्यक्ष

प्रकाश सिंह बादल ने कहा...

कांग्रेस पार्टी ने हमेशा से ही पंजाब से पक्षपात किया। चुनाव से पहले कांग्रेस ने पंजाब की जनता से घर-घर सरकारी नौकरी, नौकरी न देने के एवज में 2500 रुपये बेरोजगारी भत्ता, 51 हजार रुपये शगुन स्कीम, 2500 रुपये पेंशन स्कीम का वादा किया था, लेकिन एक भी वादा पूरा नहीं किया। लोगों ने झूठे वादों में आकर वोट दी लेकिन वे अब खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। अब अगली बार गलती न करना 2022 में शिअद की सरकार बनाएं।

सुखबीर के आरोप

  • परमिंदर ढींडसा को जायदाद से बेदखल करने की धमकी देकर सुखदेव ढींडसा ने अपने साथ जोड़ा
  • हारने के बावजूद हमेशा दी सुखदेव ढींडसा को वजीरी, अब वहीं बने पार्टी के गद्दार
  • छह बार कीढींडसा से मुलाकात, सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने की भी कही बात, लेकिन मिला धोखा
  • बागी हुए नेता टकसाली नहीं, बल्कि जाली हैं। टकसाली वह होता है जो पार्टी में पदों के लिए नहीं आता, बल्कि पार्टी के लिए गर्दन तक कटवा देता है।

सुखबीर बादल ने कहा...

कांग्रेस सरकार के एसजीपीसी चुनाव करवाने की बात पर जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस एसजीपीसी को तोड़कर सिख कौम पर अत्याचार करना चाहती है। एसजीपीसी चुनाव बेशक आज ही करवा लें, वह हमेशा तैयार हैं। 2014 लोकसभा चुनाव का जिक्र कर कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह व विजय इंदर सिंगला की आपस में नहीं बनती थी। कैप्टन ने नुमाइंदों को कहा था कि वे ढींडसा को वोट दें, लेकिन ढींडसा को नापसंद करने वाले लोगों ने भगवंत मान के हक में वोट देकर उसे सांसद बना दिया। कैप्टन ने ही विजयइंदर सिंगला की ही जमानत जब्त करवाई।

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