जागरण संवाददाता, संगरूर :

जिला परिषद के जोन नंबर-6 उभावाल से चुनाव मैदान में उतरी कांग्रेस के जिला प्रधान रा¨जदर राजा बीरकलां की पत्नी बल¨जदर कौर बीरकलां की जीत का रास्ता हो चुका है, क्योंकि शिअद उम्मीदवार व पूर्व जिला परिषद चेयरमैन सतगुर ¨सह नमोल का नामांकन जहां रद कर दिया गया है, वहीं आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार महेंद्र ¨सह सिद्धू का नामांकन पत्र वापस ले लिया है, जबकि महेंद्र ¨सह सिद्धू इसे प्रशासन की साजिश करार हो रहा है। इसके खिलाफ मंगलवार को हलका सुनाम से आप के विधायक अमन अरोड़ा ने एडीसी दफ्तर के समक्ष धरना लगाकर रोष जाहिर भी किया, लेकिन प्रशासन से कोई राहत हाथ नहीं लगी।

उल्लेखनीय है कि जिला परिषद जोन-6 उभावाल से कांग्रेस के जिला प्रधान रा¨जदर राजा बीरकलां की पत्नी बल¨जदर कौर कांग्रेस की तरफ से चुनाव मैदान में उतरी हैं। उनका मुकाबले शिअद के उम्मीदवार सतगुर ¨सह नमोल व आप के नेता महेंद्र ¨सह सिद्धू से था। गत दिनों सतगुर ¨सह नमोल पर पंचायती जमीन पर कब्जा करने की शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए जहां उनका नामांकन पत्र रद कर दिया। इसके विरोध में बेशक सोमवार को पूर्व वित्तमंत्री व विधायक पर¨मदर ¨सह ढींडसा ने डीसी दफ्तर समक्ष धरना लगाया, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। मंगलवार को एडीसी दफ्तर समक्ष आप के विधायक अमन अरोड़ा व आप के उम्मीदवार महेंद्र ¨सह सिद्धू ने धरना लगाया। महेंद्र ¨सह सिद्धू ने कहा कि उन्होंने अपने सभी दस्तावेज दुरुस्त करके अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। इसके बाद उन्हें रिटर्निंग अफसर ने कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए और इन्हें कागजों में नामांकन पत्र वापस लेने का दस्तावेज लगवाकर उनका नामांकन पत्र वापस लिया दिखा दिया। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उनके जाली दस्तावेज करके कांग्रेस की शह पर धोखे से उनका नामांकन पत्र वास करवा दिया। अमन अरोड़ा ने कहा कि इस मसले को लेकर चुनाव कमीशन तक पहुंच करेंगे।

उधर, इस संबंधी एडीसी व चुनाव अधिकारी राजदीप ¨सह बराड़ से बात की गई तो उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया पूरी पारदर्शी ढंग से चल रही है। किसी भी उम्मीदवार का नामांकन किसी दबाव या गलत तरीके से रद्द नहीं किया गया है। वह अपनी रिपोर्ट चुनाव कमीशन को भेज रहे हैं। उधर, कांग्रेस के जिला प्रधान रा¨जदर राजा बीरकलां ने उन पर लगे आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि आप उम्मीदवार अपनी हार को भांपते हुए अपने नामांकन पत्र वापस लिए हैं। अब अपनी बेइज्जत होती देख बेकार में आरोप लगा रहे हैं।

Posted By: Jagran